झांसी। नोएडा में नई फिल्म सिटी को लेकर बुंदेलखंड के कलाकारों में उत्साह बना है। इनका कहना है कि नई फिल्म सिटी की एक इकाई एवं ज्यादा से ज्यादा फिल्म स्टूडियो बुंदेलखंड में भी होना चाहिए। इससे यहां के निर्माता, निर्देशकों एवं कलाकारों को फिल्म निर्माण को लेकर अवसर प्राप्त होंगे। उन्हें भटकना नहीं पडे़गा। बुंदेलखंड पिछड़ा क्षेत्र होने से अधिकांश कलाकारों की आर्थिक स्थिति सही नहीं रहती हैं।
उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी बनाने की रूपरेखा शुरू कर दी है। अब प्रदेश के कलाकारों को रूपहले पर्दे पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मुुंबई में चक्कर नहीं काटने पडे़ंगे। इससे बुंदेलखंड के फिल्म निर्माण, टेलीविजन सीरियल एवं बेव सीरीज से जुडे़ कलाकार, तकनीशियन, गायक, संगीतकार, निर्देशक बहुत खुश है। इनका कहना है कि बुंदेलखंड में प्राकृतिक सुंदरता बहुतायत है। आवश्यकता है कि यहां फिल्म सिटी की एक इकाई बने और फिल्म स्टूडियो भी अधिक से अधिक बने। इसमें कलाकारों का रजिस्ट्रेशन, फिल्म निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं को पूरा करने, आउटडोर शूटिंग की व्यवस्था, स्थानीय कलाकारों को रोजगार, स्थानीय लोक संस्कृति का प्रचार प्रसार करने सहित अन्य कार्य सुलभ हो जाएंगे।
नोएडा में फिल्म सिटी के साथ ही बुंदेलखंड में फिल्म स्टूडियो भी बनने चाहिए। सरकार के साथ ही स्थानीय उद्यमी भी बुंदेलखंड में फिल्म निर्माण को लेकर आगे आए। आर के गौरव, टेलीविजन कलाकार
फिल्म सिटी की एक इकाई बुंदेलखंड में भी होना चाहिए। ताकि फिल्म निर्माण के दौरान स्थानीय कलाकारों को भी त्वरित पर्याप्त अवसर एवं रोजगार प्राप्त हो सके। सुंदर लिखार, बुंदेली फिल्मों के अभिनेता
बुंदेलखंड में खुद की कोई इंडस्ट्री नहीं है। अब नई फिल्म सिटी से यहां के कलाकारों, संगीतज्ञों, तकनीशियन को बहुत उम्मीद रहेगी। यहां फिल्म इंडस्ट्री की इकाई भी बने। आनंद मौर्य, संगीत निर्देशक बेव सीरीज फिल्म
बुंदेली सिनेमा एवं कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए सरकार को मदद देनी चाहिए। बुंदेलखंड में ज्यादा फिल्में बने और फिल्म सिटी व फिल्म निर्माण कंपनियों के दफ्तर भी यहां हो। अजय साहू, बुंदेली फिल्म निर्देशक