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घरों से गायब हो गए बीडीसी, मोबाइल भी बंद

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झांसी। मतदान की नौबत आने के साथ ही अधिकांश बीडीसी सदस्य घरों से गायब हो गए। ज्यादातर सदस्यों ने मोबाइल फोन बंद कर लिए। पहले मतदान की कम गुंजाइश को देखते हुए सदस्यों की डिमांड कम थी लेकिन, अब मतदान की नौबत आने से उनकी डिमांड दोगुनी से अधिक हो गई। बताया जा रहा दो लाख से चार लाखतक की मांग हो रही है। चिरगांव का एक उम्मीदवार अपने समर्थक सदस्यों को लेकर ओरछा होटल तक पहुंच गया।
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शुक्रवार को नाम वापसी न होने से सभी ब्लॉकों में मतदान कराया जाना तय हो गया। उम्मीदवारों में अधिक से अधिक बीडीसी सदस्य अपने पाले में करने की होड़ लग गई। उम्मीदवारों ने पूरी ताकत झोंक रखी है हालांकि कई उम्मीदवार पहले से इसकी तैयारी में थे। सबसे जर्बदस्त मुकाबला चिरगांव, बबीना एवं मऊरानीपुर में है। यहां प्रत्याशियों ने सदस्यों को लुभाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रखी है। चिरगांव से एक उम्मीदवार चुनाव घोषित होने से पहले ही करीब तीन दर्जन सदस्यों के सर्टिफिकेट अपने पास रखवा चुके। अब अंतिम समय में यह सदस्य पाला न बदले, इसके लिए इनको ओरछा की एक गोपनीय जगह में रखा हुआ है।
बबीना में भी तगड़ी राजनीतिक जंग छिड़ी है। कोई उम्मीदवार पीछे हटने को राजी नहीं। ऐसे में बीडीसी सदस्यों की कीमत बढ़ गई। देर-रात तक सदस्यों को अपने पाले में करने को उम्मीदवार हर जतन करते रहे। अधिकांश सदस्य बृहस्पतिवार से ही घरों से गायब हैं। मऊरानीपुर में उम्मीदवारों ने सदस्यों को उंगुली में गिन रखा है। उम्मीदवार अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए सदस्यों के सर्टिर्फिकेट अपने पास ही जमा करा रहे हैं। जिन उम्मीदवारों के पास भोर तक अधिक सर्टिर्फिकेट जमा हो जाएंगे, उनकी जीत पहले ही तय हो जाएगी। बता दें, मतदान के लिए बीडीसी सदस्य को चुनाव जीतने के बाद रिटर्निंग अधिकारी से मिले सर्टिफिकेट को दिखाना होता है। तभी उसे मतदान में हिस्सा लेने का मौका मिलता है।
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जिन ब्लॉकों मेें मतदान होना वहां के मतदाताओं(बीडीसी) की संख्या
बबीना 82
बड़ागांव 56
मोंठ 80
चिरगांव 73
मऊरानीपुर 85
बामौर 70
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