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मोनो रेल या रोप वे से तय होगा बिजौली झील का सफर

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झांसी शहर के पास स्थित बिजौली झील।
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मोनो रेल या रोप वे से तय होगा बिजौली झील का सफर
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झांसी। स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत पचास करोड़ रुपये से बिजौली झील की तस्वीर बदली जानी है। इसका पर्यटन की दृष्टि से विकास करने की योजना है। इसके तहत बिजौली मुख्य मार्ग से झील तक जाने के लिए मोनो रेल या रोप-वे की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए सर्वे व डीपीआर तैयार करने पर काम चल रहा है।
महानगर से बिजौली की दूरी आठ किलोमीटर है। यहां औद्योगिक क्षेत्र है, लेकिन शहरवासियों का यहां से जुड़ाव बहुत कम है। इसकी वजह यहां कोई घूमने लायक स्थान नहीं होना है। बिजौली में पुराना और बड़ा तालाब है, लेकिन इसकी देखरेख नहीं होती है। इस कारण भूमाफिया इस फिराक में रहते हैं कि कब मौका मिले और जमीन पर कब्जा कर लें। झांसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने बिजौली क्षेत्र में सैलानियों के आगमन को बढ़ावा देने के लिए झील को संवारने का प्रस्ताव दिया था। इस पर बोर्ड बैठक में सहमति बन चुकी है। जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसमें बिजौली झील के चारों ओर सड़क बनाई जाएगी। झील की बाउंड्रीवाल बनाकर उस पर लाइटिंग होगी। तालाब की सफाई होगी। झील के बीच में आईलैंड (टापू) बनेगा तथा नौकायन की सुविधा रहेगी। झील के किनारे कैफेटेरिया की भी सुविधा होगी। इसके अलावा लैंड स्केपिंग और बच्चों के झूले लगेंगे। हरियाली के लिए पौधरोपण भी किया जाएगा। घरेलू पानी को झील में गिरने से रोका जाएगा। साथ ही जमा सिल्ट को हटाया जाएगा। सबसे खास बात यह होगी कि पर्यटकों को मुख्य मार्ग से झील तक जाने के लिए मोनो रेल या रोप-वे की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। झील की तस्वीर बदलने के लिए सर्वे और डीपीआर तैयार करने पर काम चल रहा है।
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वर्जन..
स्मार्ट सिटी के तहत बिजौली झील का 50 करोड़ से सौंदर्यीकरण किया जाना है। इसके लिए सर्वे और डीपीआर बनाने पर काम चल रहा है। झील की तस्वीर बदलने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा होगा। पर्यटकों के लिए तमाम सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- अमित शर्मा, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी।
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