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Jhansi News: मनरेगा के पक्के कार्यों का सात महीने से नहीं आया पैसा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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चिरगांव। मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में कराए गए पक्के कार्यों का भुगतान सात माह बाद भी न होने से प्रधान व मेटेरियल सप्लायर परेशान हैं। भुगतान के लिए वे बार-बार ब्लाॅक के चक्कर लगा रहे हैं। इसके अलावा भुगतान न होने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों को साल में 100 दिन का रेाजगार देने की गारंटी दी जाती है। प्रावधान के तहत बजट में 60 प्रतिशत मजदूरी पर व 40 प्रतिशत पक्के कार्यों पर व्यय किया जाता है। मजदूरों का पैसा तो उनके बैंक खाते में चला जाता है, लेकिन मेटेरियल का भुगतान सप्लायर को किया जाता है। ग्राम प्रधान नादखास अरविंद दांगी ने बताया कि पिछले अक्टूबर माह से मेटेरियल का पैसा शासन द्वारा नहीं भेजा गया है। जिससे सप्लायर परेशान हैं। उनका लाखों रुपये बकाया चल रहा है। ऐसे में उन्होंने मेटेरियल की सप्लाई बंद कर दी है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जबकि, बिल-बाउचर सभी फीड करा दिए गए हैं। इसी प्रकार मनरेगा मजदूरों का इस वित्तीय वर्ष का पैसा भी नहीं आया है। ऐसे में लोगों का मनरेगा योजना से भरोसा उठता जा रहा है। कई प्रधानों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में मजदूर अब काम करने से कतराने लगे हैं।
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इस संबंध में मनरेगा एपीओ अभिषेक त्रिवेदी ने बताया कि सात माह से पक्के कार्यों का पैसा नहीं आया है। इसकी सूचना अधिकारियों को भेज दी गई है। बजट आते ही भुगतान हो जाएगा।
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