झांसी। मां मैं आज पूरे सात दिन की हो गई। पहली बार मैने दूध भी पीया। डाक्टर अंकल कह रहे थे कि मेरे जख्म तेजी के साथ भर रहे हैं। मेरा ब्लडप्रेशर भी अभी तक लो चल रहा था जिसकी दवाई दी जा रही थी। लेकिन अब कंट्रोल में आ गया है और उसकी दवाई बंद कर दी गई है। अब आक्सीजन भी हटा दी गई है। अस्पताल के लोग कह रहे हैं कि जब मैं सही हो जाऊंगी तो मुझे शिशु विहार या फिर मदर टेरेसा आश्रम भेज दिया जाएगा। क्योंकि तूने मुझे कूड़े में जो फेंक दिया था। मेरा एक हाथ भी कुत्तों ने खा लिया था।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में सोमवार की रात को इस नवजात को भर्ती कराया गया था। उस वक्त उसकी हालत बेहद नाजुक थी। क्योंकि कुत्तों ने एक हाथ खा लिया था जिससे खून बहुत बह गया था। ब्लडप्रेशर भी लगातार लो बना रहा। हीमोग्लोबिन भी बहुत कम था। लेकिन अब धीरे-धीरे हालत सुधर रही है। रविवार को आक्सीजन भी हटा दी गई। दूध भी दिया गया। मेडिकल कालेज के विभागाध्यक्ष डा. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि अब स्थिति सुधर रही है।
मेडिकल कालेज के गेट संख्या एक पर लगे सीसीटीवी के फुटेज देखे गए
झांसी। नवजात को मेडिकल कालेज के गेट संख्या एक के सामने जा रही गली में दुर्गा मंदिर के पास फेंका गया था। रविवार को इस गली में लगे तीन सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी चेक किए गए। फिलहाल कोई इनपुट नहीं मिला है। लेकिन माना जा रहा है कि यहीं आसपास के किसी नर्सिंग होम में बच्ची का जन्म हुआ है।
बच्ची के मां-बाप का पता बताने वाले को मिलेंगे 51000
झांसी। बच्ची को न्याय दिलाने के लिए अमर उजाला के मुहिम शुरू की है। इस मुहिम से तमाम लोग और संगठन जुड़ रहे हैं। लोगबाग खुद ही नर्सिंग होम में जाकर नवजात के फोटो दिखाकर उसके मां-बाप के बारे में जानकारी कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने भी मजिस्ट्रेट जांच बैठा दी है। आईएमए के अध्यक्ष डा. ज्ञानेंद्र कुमार ने बच्ची के मां-बाप के बारे में जानकारी देने वाले को 51000 का पुरस्कार देने का एलान किया है। आईएमए अध्यक्ष ने कहा है कि सूचना देने वाले का नाम और पता गोपनीय रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि आईएमए से जुड़े सभी डाक्टर बच्ची के परिवार वालों की तलाश में लगे हैं। सभी नर्सिंग होम पर जाकर जानकारी जुटाई जा रही है।