झांसी। बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यापकों के लिए अब हकीकत छुपाना आसान नहीं होगा। विद्यालय में स्वयं व बच्चों की उपस्थिति का उन्हें फोटो समेत सुबूत देना होगा। इसके लिए जिले में एक अभिनव पहल की जा रही है, जिसके तहत मोबाइल टैब के माध्यम से रोजाना सूचनाएं ऑनलाइन की जाएंगी।
शासन-प्रशासन की सख्ती के बाद भी बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यापकों की विद्यालय से गायब रहने की प्रवृत्ति पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। अधिकारियों के निरीक्षण में आए दिन विद्यालयों में शिक्षक अनुपस्थित पाए जाते हैं। इसके अलावा अभिलेखों में दर्शाई गई संख्या के अनुसार मौके पर बच्चों की उपस्थिति भी नहीं मिलती है। इससे सर्व शिक्षा अभियान का ‘सब पढ़ें-सब बढ़ें’ का नारा कागजों में दर्ज होकर रह गया है। साथ ही बच्चों की पढ़ाई पर सरकार द्वारा खर्च की जाने वाली भारी भरकम धनराशि भी पानी में जाती नजर आ रही है। लेकिन, अब इस स्थिति पर लगाम कसने की तैयारी कर ली गई है। जिलाधिकारी अनुराग यादव की पहल पर विद्यालयों को मोबाइल टैब उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से विद्यालय में बच्चों व शिक्षकों की उपस्थिति जांचना आसान हो जाएगा।
शिक्षकों को मोबाइल टैब पर प्रतिदिन तीन बार अपनी व बच्चों की फोटो खींचकर अपलोड करनी होगी। विद्यालय खुलने के तुरंत बाद, मिड डे मील के दौरान तथा विद्यालय बंद होने से पहले यह फोटो ली जाएंगी। अपलोड करते ही यह फोटो ऑनलाइन हो जाएंगी। यह पूरा सिस्टम विभागीय सर्वर से कनेक्ट रहेगा। जिला स्तर पर इसकी निगहबानी होगी। योजना के प्रारंभिक चरण में नगर क्षेत्र के सौ विद्यालयों में मोबाइल टैब उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों के नौ सौ विद्यालयों में यह पहुंचाए जाएंगे। यह प्रयास सफल होने पर आने वाले दिनों में सभी विद्यालय मोबाइल टैब से लैस नजर आएंगे।
शुरू हुआ ट्रायल
झांसी। मोबाइल टैब बेसिक शिक्षा विभाग को प्राप्त हो गए हैं। इनका ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है। तीन दिन तक इनका परीक्षण किया जाएगा। इस काम पर विशेषज्ञों को लगाया गया है। ट्रायल सफल होने पर अगले सप्ताह यह विद्यालयों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे।