जिले के अपराधियों पर त्रिनेत्र एप की मदद से पुलिस नजर रखेगी। एप के जरिये अपराधियों की कुंडली बनाई जा रही है। शुरूआती चरण में जिले में 150 से अधिक अपराधियों का आपराधिक इतिहास एप के जरिये ऑनलाइन किया जा रहा है। जिले में इस कार्य की निगरानी के लिए एसएसपी के नेतृत्व में टीम का गठन भी किया गया है।
जिले के किसी भी थाने में कहीं भी लूट, डकैती, अपहरण जैसी संगीन वारदात होती है तो थानेदार पीड़ित के बताए हुलिए के आधार पर उसे फौरन शातिरों का फोटो और हुलिया मोबाइल पर अपलोड कर दिखा सकेंगे। किसी भी अपराधी का आपराधिक रिकॉर्ड पलक झपकते ही थानेदार की आंखों के सामने आ जाएगा। कहीं और किसी भी वक्त थानेदार अपराधी की कुंडली देख सकेंगे। थानेदारों को अपराधियों का एलबम और रिकार्ड कागजों पर रखने की जरूरत भी नहीं होगी। शातिर और पेशेवर अपराधियों का फोटो और आपराधिक रिकार्ड ऑनलाइन करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा बनाए गए त्रिनेत्र एप में बदमाशों की कुंडली तैयार की जा रही है। जिससे थानेदार अपने मोबाइल पर किसी भी अपराधी के बारे में जानकारी ले सकेंगे।
एप में यह होगा ब्योरा
जिले में कितने अपराधी हैं? कब कब वे जेल गए और कब बाहर निकल कर आए? उनके पास कितने मोबाइल हैं? अपराधी के परिवार में कितने मोबाइल फोन इस्तेमाल किए जाते हैं? वह किस तरह के हथियार इस्तेमाल करता है? अपराध करने का तरीका क्या है? उनके आय के साधन क्या क्या हैं? पासपोर्ट है या नहीं है। परिवार में कितने बच्चे हैं? उसके रिश्तेदार कहां कहां रहते हैं? कौन रिश्तेदार किस विभाग में काम करता है, यह सारी जानकारी एप में फीड की जा रही है। जानकारी फीड करने के बाद अपराधियों की धरपकड़ आसान हो जाएगी।
जिले के अपराधियों का ब्योरा बनाकर उसे ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है। त्रिनेत्र एप पर हर अपराधी का आपराधिक इतिहास ऑनलाइन रहेगा। त्रिनेत्र एप के जरिये जरूरत पड़ने पर किसी भी अपराधी के आपराधिक इतिहास को कुछ ही पल में देख जा सकेगा।
विनोद कुमार सिंह, एसएसपी