लॉकडाउन से छूट मिलने के बाद मनरेगा के तहत कामों में तेजी आ गई है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत काम शुरू हो गए हैं। इनमें करीब नौ हजार मजदूरों को रोजगार मिल चुका है। जबकि बाहरी प्रदेशों से आए मजदूरों को काम देने और जॉब कार्ड बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है। जिले में मनरेगा के तहत कार्य करने को लॉकडाउन से छूट दी गई है। इसे लेकर जिले की तमाम ग्राम पंचायतों में करीब दो हजार से अधिक काम शुरू हो गए हैं। ग्राम पंचायतों में तालाब खुदाई, गहरीकरण समेत जल संवर्धन के तमाम काम कराए जा रहे हैं। इस दौरान करीब नौ हजार मजदूर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क लगाकर काम कर रहे हैं। वहीं सरकार ने मजदूरों की मजदूरी दर में भी इजाफा किया है। पहले मजदूरों को 182 रुपये रोज के हिसाब से मजदूरी दी जाती थी, लेकिन अब 201 रुपये रोज के हिसाब से मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। इसके साथ ही बाहरी प्रदेशों से आए करीब एक हजार मजदूरों के जॉब कार्ड भी बनाए जा चुके हैं। डीसी मनरेगा रामौतार सिंह ने बताया कि लॉकडाउन से छूट मिलने के बाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा काम तेजी से शुरू कराए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में मजदूरों को रोजगार भी सृजित हो रहे हैं। आने वाले दिनों में कामों को बढ़ाने की तैयारी है।