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अप्रैल से मिलेगी विधायक निधि, पूरे होंगे सौ से अधिक काम

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झांसी। कोविड-19 के चलते पिछले एक साल से निलंबित चल रही विधायक निधि के इस वर्ष अप्रैल से बहाल होने की उम्मीद है। चुनावी वर्ष का हवाला देते हुए पूरे प्रदेश से विधायक इसको लेकर सरकार पर दबाव बनाए हुए थे। ऐसे में सरकार नए वित्तीय वर्ष से विधायक निधि बहाल करने की तैयारी में है। विधायकों की मानें तो इसके बाद क्षेत्र में सौ से अधिक काम पूरे होंगे।
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निर्वाचन क्षेत्र में विविध विकास कार्यों के लिए विधायकों को दो करोड़ रुपये विधायक निधि के तौर पर दिए जाते हैं लेकिन, पिछले वर्ष मार्च में अचानक कोविड के पांव पसारने पर सरकर ने इस पर कैंची चला दी बल्कि विधायक निधि में पड़ी रकम भी कोविड कोष में देने का फरमान दे दिया। सदर विधायक रवि शर्मा, बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा एवं मऊरानीपुर विधायक बिहारीलाल आर्य के खाते में अधिक रकम नहीं थी जबकि गरौठा विधायक जवाहरलाल राजपूत ने करीब 1.10 करोड़ रुपये कोविड कोष में दिया।
सरकार के फैसले से विधायकों के भीतर कश्मकश रही हालांकि ऊपरी तौर पर सभी खामोश रहे। सत्तारूढ़ विधायक कई काम कराने में कामयाब रहे लेकिन, कई विभागों से मनचाहा काम नहीं हो सका। अब चुनावी साल करीब देख प्रदेशभर के विधायकों ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू किया। विधायकों की नाराजगी का खतरा अब सरकार भी नहीं उठाना चाहती। ऐसे में विधायकों को विधायक निधि आरंभ किए जाने के संकेत दिए गए हैं। विधायक भी अपनी प्राथमिकताएं तय करने में जुट गए हैं।
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बढ़ सकती है निधि
हर वर्ष दो करोड़ रुपये दिए जाते हैं लेकिन, पिछले वर्ष बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने इसे बढ़ाकर ढाई करोड़ किए जाने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि कोविड-19 के प्रकोप के चलते बढ़ी रकम विधायकों को नहीं मिल सकी। उम्मीद जताई जा रही है कि विधायक निधि बहाल होने पर विधायकों को ढाई करोड़ रुपये दिए जा सकते हैं। हालांकि बजट सत्र के दौरान ही इस पर फैसला होगा।
खड़ंजा-नाली की समस्या से घिरे विधायक
सरकार ने विधायक निधि भले निलंबित कर दी हो लेकिन, फरियादियों पर इसका कोई असर नहीं। रोजाना बड़ी संख्या में फरियादी विधायकों तक अपने क्षेत्र की समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। ग्रामीण इलाकों से सबसे अधिक पानी, खड़ंजा, नाली की समस्या को लेकर लोग पहुंचते हैं। क्षेत्र भ्रमण के दौरान विधायक इन्हीं समस्याओं से सर्वाधिक दो-चार हो रहे। ऐसे में विधायकों को इनकी अनदेखी करने पर अंजाम भुगतने का भी अंदेशा सता रहा।
0 अगले माह बजट सत्र है। उम्मीद है कि निधि बहाल कर दी जाएगी हालांकि साल भर दूसरे तमाम विभागों के जरिए कार्य कराए गए हैं। पैसा मिलेगा तो अन्य कार्य भी होंगे।
रवि शर्मा, विधायक सदर
0 विधायक निधि कोविड के चलते निलंबित की गई थी। सरकार अब कोविड टीकाकरण पर खर्च कर रही। विधायक निधि बहाल होगी तब निश्चित तौर पर विकास कार्य अधिक होंगे।
राजीव सिंह पारीछा, विधायक बबीना
0 बजट सत्र में इस बारे में फैसला होने की उम्मीद है। पहली प्राथमिकता कोविड से लड़ाई है। अपनी निधि से 1.10 करोड़ दिए। अब विधायक निधि बहाल हुई तब दूसरे कार्य भी कराए जाएंगे
जवाहर लाल राजपूत, विधायक गरौठा
पूरे हो सकेंगे इन समेत कई काम
- गरौठा एवं गुरसराय में पानी की सर्वाधिक समस्या है। गरौठा-गुरसराय परियोजना अभी अधूरी है। इसे गति मिल सकेगी।
- मोंठ, समथर, पंडोखर आदि इलाकों में सड़क परियोजाएं बदहाल हैं। आने-जाने में लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। विधायक निधि आरंभ होने से इन जैसे इलाकों की दशा सुधरने की उम्मीद है।
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- बबीना में पेयजल एवं सिंचाई परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी हालांकि पेयजल के लिए हर घर जल योजना आरंभ हो गई। अब सिंचाई के लिए यहां कार्य होना है।
- बड़ागांव एवं टहरौली को जोड़ने के लिए बेतवा पर पुल बनवाया जाना है। कोविड के चलते पुल की स्वीकृति अटक गई। अब इसे भी आगे बढ़ाने की उम्मीद रहेगी।
- करगुवां जैन मंदिर से बालाजी रोड शिवदुर्गा नगर के पास की सड़क निर्माण का काम कराया जाना।
- ईसाईटोला से प्रेमनगर मुक्तिधाम के बीच क्षतिग्रस्त मार्ग को भी दुरूस्त कराने का प्रस्ताव था।
- उन्नाव गेट बाहर मुक्तिधाम में विद्युत शवदाह गृह का कार्य प्रस्तावित था लेकिन, बीच राह अटक गया। इसे भी पूरा कराने की बात कही जा रही।
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