झांसी। ब्लाक प्रमुख के चुनाव में भाजपा का दो सीट पर निर्विरोध जीतना तय हो गया। बंगरा से विधायक बिहारीलाल आर्या की पुत्री भारती आर्या एवं गुरसराय ब्लॉक से भाजपा उम्मीदवार पदमा टीकाराम पटेल के खिलाफ कोई पर्चा दाखिल न होने से इन दोनों के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो गया। उधर, शेष छह सीटों पर हंगामे के बीच उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए। नामांकन पत्रों की जांच के बाद सभी नामांकन सही पाए गए।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूर्वाह्न ग्यारह बजे से सभी ब्लॉकोें में नामांकन प्रक्रिया आरंभ हुई। बवाल की आशंका के चलते सुरक्षा के लिए पीएसी, दंगा नियंत्रण वाहन समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सपा नेताओं ने भाजपा पर प्रशासन की मदद से नामांकन करने में रोकने के आरोप लगाए। बबीना से सपा उम्मीदवार अनीता उमेश प्रजापति नामांकन ही दाखिल नहीं कर सकीं।
उधर, ब्लॉकों में नामांकन के दौरान खासा तनाव रहा। बड़ागांव ब्लॉक में नामांकन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। पर्चा दाखिला के समय भाजपा एवं सपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। यहां से रचना राजपूत (भाजपा) एवं रेखा (सपा)ने नामांकन दाखिल किया। मोंठ से प्रभा देवी (सपा) एवं लाल सिंह (भाजपा) ने पर्चा दाखिल किया। मऊरानीपुर ब्लॉक से सर्वाधिक चार नामांकन पत्र दाखिल हुए। इनमें आनंद सिंह (भाजपा) राजकुमारी, वंदना एवं लाखन सिंह ने नामांकन दाखिल किए। बबीना ब्लॉक से तीन बृजेंद्र सिंह, बबीता पंजाब यादव एवं भरत सिंह नामांकन पत्र भरा। चिरगांव से राजकांतेश वर्मा ने रामनरेश यादव ने नामांकन दाखिल किया। नामांकन पत्रों की जांच के बाद यह सभी नामांकन वैध पाए गए। नामांकन के दौरान जिलाधिकारी आंद्रा वामसी, एसएसपी शिवहरि मीणा, सीडीओ शैलेष कुमार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी ब्लॉकों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते रहे।
जमकर बरसी लाठियां, सपा प्रत्याशी को पुलिस ने दौड़ाया
झांसी/चिरगांव। नामांकन के दौरान भाजपा एवं सपा समर्थकों के बीच अंदर जाने को लेकर विवाद हो गया। सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, जिसके बाद वहां विवाद शुरू हो गया। नामांकन के लिए पहाड़ी चुंगी पर भाजपा एवं सपा कार्यकर्ता अलग-अलग जत्थों में जमा थे। भाजपा उम्मीदवार राजकांतेश वर्मा तमाम कार्यकर्ताओं के साथ अंदर जाने लगे लेकिन पुलिस ने सभी को रोक दिया। अंदर सिर्फ उम्मीदवार एवं प्रस्तावक को ही जाने दिया। दोपहर करीब एक बजे सपा के पूर्व सांसद चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव के साथ प्रत्याशी रामनरेश यादव पहुंचे। उनके साथ सैकड़ों समर्थक थे। पुलिस ने उनको भी भीतर जाने से रोका। सपा कार्यकर्ताओं को लगा प्रत्याशी को नामांकन के लिए अंदर जाने नहीं दिया जा रहा। इससे कार्यकर्ता उग्र हो गए। पुलिस ने उनको खदेड़ने के लिए लाठियां पटकनी शुरू की। इससे वहां भगदड़ मच गई। सपा उम्मीदवार रामनरेश को भी पुलिस ने खदेड़ दिया। हंगामा बढ़ता देख जिलाधिकारी आंद्रा वामसी एवं एसएसपी शिवहरि मीणा भी पहुंच गए। पूर्व सांसद चंद्रपाल यादव ने जिलाधिकारी के सामने पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाया। इसके बाद जिलाधिकारी की उपस्थिति में सपा नेताओं को भीतर ले जाया गया और प्रत्याशी का नामांकन दाखिल किया।
विधायक पुत्री का निर्विरोध निर्वाचन तय, सपा ने नहीं उतारा उम्मीदवार
झांसी/बंगरा। बंगरा आरक्षित सीट से विधायक बिहारीलाल आर्य की पुत्री एवं भाजपा प्रत्याशी भारती आर्य की जीत तय हो गई। उनके खिलाफ सपा ने उम्मीदवार ही नहीं उतारा। नामांकन अवधि खत्म होने तक कोई भी उम्मीदवार पर्चा दाखिल करने नहीं पहुंचा। भाजपा उम्मीदवार की जीत की संभावना पहले से जताई जा रही थी हालांकि संभावना थी कि सपा नामांकन से पहले कोई उम्मीदवार उतारेगी लेकिन, कोई भी नाम घोषित नहीं हुआ। सपा के वॉक ओवर देने से विधायक पुत्री का रास्ता साफ हो गया। नामांकन को देखते हुए सुरक्षा के लिए ब्लॉक परिसर में जगह-जगह बैरिकेडिंग की थी। गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए पूरे ब्लॉक परिसर को छवानी में तब्दील कर दिया गया था। सीओ अनुज सिंह, उल्दन इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह समेत कई थानों से पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
किसी को भाजपा का टिकट नहीं, सपा उम्मीदवार को पुलिस ने उठाया
झांसी/बबीना। सबसे दिलचस्प चुनाव बबीना सीट पर माना जा रहा है। पिछड़ा वर्ग के लिए सीट आरक्षित होने के बावजूद राजनीतिक दिग्गजों ने इस सीट पर अपना जोर लगाया हुआ है। विधायक राजीव सिंह पारीछा की विधानसभा सीट होने के बावजूद भाजपा ने यहां से किसी को टिकट नहीं दिया जबकि सपा से घोषित उम्मीदवार अनीता उमेश प्रजापति अपना नामांकन दाखिल नहीं कर सकीं। निवर्तमान जिलाध्यक्ष महेश कश्यप का आरोप है कि प्रत्याशी एवं उसके पति को पुलिस ने सुबह ही गिरफ्तार कर लिया। यहां से हीरापुर से बीडीसी सदस्य बृजेंद्र राजपूत, कोट खेड़ा से बीडीसी सदस्य बबीता यादव एवं बसाई से बीडीसी भरत पाल ने नामांकन दाखिल किया। उम्मीद जताई जा रही कि नामांकन के बाद शुक्रवार को दोनों पार्टियां इनमें से किसी को अपना समर्थन घोषित कर सकती हैं। नामांकन के दौरान ब्लॉक में काफी गहमागहमी रही। पार्टी से उम्मीदवार घोषित न होने के बावजूद यहां बड़ी संख्या में भाजपा एवं सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सपा-भाजपा आमने-सामने, घंटों होती रही नारेबाजी
झांसी/ मोंठ। भारी गहमागहमी के बीच मोंठ में सपा और भाजपा प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए। सुरक्षा को देखते हुए चप्पे-चप्पे में पुलिस तैनात रही। दोपहर को सपा उम्मीदवार के तौर पर प्रभा देवी ने नामांकन दाखिल किया। इसके पहले उनके पति कोमल सिंह को सपा ने उम्मीदवार बनाया था लेकिन, पुलिस के उनके खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद बुधवार देर रात प्रभा देवी को उम्मीदवार बना दिया था। इसी तरह भाजपा से लाल सिंह अहिरवार ने भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर नामांकन दाखिल किया। भाजपा उम्मीदवार ने दो सेट में नामांकन दाखिल किया है। यहां दोनों दलोें के कार्यकर्ता काफी देर तक जमे रहे। कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक नारेबाजी होती रही। एसपी ग्रामीण नेपाल सिंह पूरी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे। पुलिस ने किसी भी नेता को ब्लॉक परिसर के भीतर नहीं घुसने दिया। कार्यकर्ताओं के जत्थोें को भी पुलिस ने लाठियां पटककर खदेड़ दिया। विधायक गरौठा जवाहर लाल राजपूत पूरे समय अपने समर्थकों के साथ वहां जमा रहे।
दीवार लांघकर नामांकन करने पहुंचीं सपा की महिला उम्मीदवार
घंटों चला हंगामा,
झांसी/मऊरानीपुर। सामान्य के लिए आरक्षित मऊरानीपुर सीट पर नामांकन के दौरान जमकर ड्रामा और हंगामा हुआ। नामांकन दाखिल करने के लिए सपा की महिला उम्मीदवार को दीवार फांदकर ब्लॉक कार्यालय के भीतर जाना पड़ा। भारी धक्का-मुक्की के बीच दो अन्य उम्मीदवार भी पर्चे दाखिल करने में कामयाब रहे।
नामांकन प्रक्रिया पूर्वाह्न ग्यारह बजे आरंभ हुई। सुरक्षा के लिए ब्लॉक कार्यालय से लेकर पूरा सर्किल पुलिस छवानी में तब्दील रहा। नामांकन आरंभ होते ही सबसे पहले भाजपा उम्मीदवार आनंद सिंह परिहार अपने सैकड़ों समर्थकों संग नामांकन को पहुंचे। उनके नामांकन के बाद कई घंटे शांति रही। इसी बीच भाजपाई खेमे को रेवन से नामांकन के लिए उम्मीदवार के पहुंचने की भनक लगी। कार्यकर्ताओं ने गरौठा चौराहे पर गाड़ियां खड़ी करके वहां जाम लगा दिया। थोड़ी देर में झांसी-खजुराहो राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई किलेामीटर लंबा जाम लग गया। इसी बीच अचानक काले रंग की कार में एक महिला पहुंची। उम्मीदवार समझकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उस कार को घेर लिया। वहां हंगामा शुरू हो गया। इसी बीच मौके का फायदा उठाते हुए सपा उम्मीदवार वंदना पवन सिंह यादव पीछे की दीवार फांदकर ब्लॉक के अंदर पहुंच गई। भाजपा कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी, तब वह भी वहां पहुंच गए। भाजपा प्रत्याशी ने तहसीलदार वंदना सिंह से नामांकन पत्र छुड़ाने की कोशिश की। यह देखकर विपक्षी कार्यकर्ता भी सामने आ गए। इसी बीच सपा उम्मीदवार ने मौका देखकर अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। नामांकन के बाद सपा उम्मीदवार ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। अफरातफरी का फायदा उठाकर दो अन्य उम्मीदवारों ने भी नामांकन दाखिल कर दिया। अब यहां से सर्वाधिक चार उम्मीदवार-आनंद सिंह, राजकुमारी, वंदना यादव एवं लाखन सिंह चुनावी मैदान में हैं। यहां पर दस को मतदान कराया जाएगा।
कार्यकर्ताओं को छका कर नामांकन करने पहुंची गर्भवती उम्मीदवार
झांसी/ गुरसराय। कई घंटे चले ड्रामे एवं मानमनौव्वल के बाद आखिरकार भाजपा उम्मीदवार पदमा टीकाराम पटेल की निर्विरोध जीत तय हो गई। नामांकन ग्यारह बजे से आरंभ हो गया। सबसे पहले भाजपा उम्मीदवार पदमा टीकाराम पटेल नामांकन को पहुंची। इसके बाद करीब एक बजे बीडीसी गुड्डी रानी देवी भी नामांकन को पहुंचीं। गुड्डी जैसे ही जलसंस्थान के पास पहुंची, उनको पुलिस ने रोक लिया। तब तक इसकी भनक भाजपा कार्यकर्ताओं को लग गई। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने गुड्डी को घेर लिया। भाजपा कार्यकर्ता उनको किसी कीमत पर भीतर जाने नहीं देना चाहते थे। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तनातनी चलती रही। इसी बीच हिम्मत दिखाते हुए गर्भवती होने के बावजूद गुड्डी देवी दौड़ लगाते हुए ब्लॉक कार्यालय के भीतर जा पहुंचीं। उनके नामांकन दाखिल करने की खबर से भाजपाई खेमे में हड़कंप मच गया। नामांकन से बौखलाए कार्यकर्ताओं ने गुड्डी के समर्थकों की पिटाई शुरू कर दी। इस वजह से हंगामा तेज हो गया। नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बवाल काटना शुरू कर दिया। उधर, गुड्डी के पर्चा दाखिल करने के बाद वरिष्ठ नेताओं के फोन खनखनाने शुरू हो गए। मानमनौव्वल का दौर शुरू हो गया। कई घंटे तक समझाने-बुझाने के बाद आखिरकार गुड्डी पर्चा वापस लेने को राजी हो गईं। पर्चा वापस लेने पर पदमा समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। उनके अलावा यहां किसी दूसरे उम्मीदवार ने अपना पर्चा दाखिल नहीं किया। ऐसे में पदमा का निर्वाचित होना तय हो गया।
बड़ागांव में सपा प्रत्याशी को नामांकन करने से रोकने पर हंगामा, पथराव
- भाजपा कार्यकर्ता ने सपाइयों को लाठी डंडों से पीटा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बड़ागांव में नामांकन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। पर्चा दाखिल करने पहुंचीं सपा प्रत्याशी को भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोक लिया। इसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पथराव शुरू कर दिया। इसमें कई सपा कार्यकर्ता चुटहिल हो गए। सपाईयों ने भी बाद में मोर्चा संभाला। इसी बीच पुलिस ने भी लाठियां चटकानी शुरू कर दी। बवाल के बाद एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी की मौजूदगी में सपा उम्मीदवार रेखा यादव ने पर्चा दाखिल किया।
नामांकन को देखते हुए ब्लॉक में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था। करीब बारह बजे भाजपा उम्मीदवार रचना राजपूत ने पर्चा दाखिल किया। इसके बाद निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख कैलाश यादव की पत्नी एवं सपा उम्मीदवार रेखा यादव नामांकन करने पहुंचीं। भाजपा कार्यकर्ताआें ने ब्लॉक के बाहर ही उनको रोकने की कोशिश की। थोड़ी ही देर में भाजपा कार्यकर्ताआें ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में सपा के दस कार्यकर्ता घायल हो गए। इनमें महिलाएं भी शामिल थी। हंगामा बढ़ता देख पुलिस को लाठियां भंजानी पड़ी। एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी खुद सपा उम्मीदवार को लेकर ब्लॉक के अंदर गए। पुलिस बल की मौजूदगी में सपा उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल किया।
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भाजपा-सपा के बगैर निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
झांसी/एरच। बामौर ब्लॉक के अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट पर भाजपा एवं सपा ने उम्मीदवार नहीं उतारे। यहां अभी सिर्फ निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच ही चुनावी जंग दिखाई पड़ रही है। नामांकन को देखते हुए पूरे ब्लॉक परिसर में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था। आसपास की दुकानें भी बंद करा दी गई थी। पूर्वाह्न ग्यारह बजे नामांकन आरंभ हुआ। सबसे पहले बीडीसी सदस्य चंद्रभान अहिरवार नामांकन को पहुंचे। इसके बाद अस्ता से बीडीसी मूर्ति देवी अपने समर्थकों के साथ नामांकन को पहुंची। नामांकन पत्रों की जांच के बाद सभी नामांकन सही पाए गए। शुक्रवार को नाम वापसी का मौका रहेगा। किसी भी उम्मीदवार के नाम वापस न लेने पर दस जुलाई को मतदान कराया जाएगा।