झांसी। मोंठ के तालाब को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने सपा के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव पर मोंठ के तालाब पर कब्जे की नीयत खराब होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दीपनारायण दस साल तक विधायक रहे लेकिन उन्होंने कभी तालाब के विकास के बारे में नहीं सोचा, उल्टा मिट्टी डालकर पटवा दिया। तालाब पर कब्जे की नीयत है। उन्होंने भाजपा सरकार बनने के बाद इस तालाब को सरकारी अभिलेखों में दर्ज कराया। अब पूर्व विधायक रिश्तेदार चेयरमैन की आड़ में तालाब खुदाई में अड़ंगा डाल रहे हैं।
तीन साल की भाजपा सरकार के दौरान एक बार फिर दोनों चिरप्रतिद्वंद्वी नेताओं के बीच टकराव बढ़ गया है। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए विधायक जवाहर लाल राजपूत ने कहा कि 150 साल पुराने मोंठ के मुख्य बाजार में स्थित चौपड़ा तालाब पर भूमाफिया की नजर थी। पिछली सरकारों में संरक्षित दबंगों ने कब्जा कर इसे मिट्टी से भर दिया था। पिछली सरकार में प्रशासनिक साठगांठ से राजस्व अभिलेखों में रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर सार्वजनिक तालाब की जमीन व्यक्तिगत के नाम करा ली गई। तालाब का अस्तित्व मिटने के बाद क्षेत्र का जलस्तर नीचे चला गया। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी जिसके बाद हुई जांच में शिकायत सही होने पर राजस्व अभिलेखों से व्यक्ति विशेष का दावा खारिज हुआ। कहा कि अब जब वह तालाब को मूल स्वरूप में लाने का प्रयास कर रहे हैं तो पूर्व विधायक अपने रिश्तेदार चेयरमैन के जरिए अड़ंगा लगा रहे हैं। मगर वह पीछे नहीं हटेंगे। पूर्व विधायक और चेयरमैन को छोड़कर पूरे मोंठ की जनता उनके साथ है। जरूरत पड़ी तो मामले को ऊपर तक ले जाएंगे।
तालाब की मिट्टी बेच रहे हैं विधायक: दीपनारायण
झांसी। गरौठा के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव ने गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत पर पलटवार करते हुए कहा कि वे अपनी कमियों को छुपाने के लिए गंदी राजनीति कर रहे हैं। तालाब नगर पालिका के नाम दर्ज है। पालिका उसके सौंदर्यीकरण की योजना तैयार कर चुकी है। बावजूद, नियम-कायदों को ताक पर रखकर विधायक ने खुदाई शुरू कर दी और तालाब से निकली मिट्टी को लाखों रुपये में बेचने का काम किया। दीपनारायण ने कहा कि उनकी छवि को ठेस पहुंचाने की नीयत से विधायक अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। वह उन पर मानहानि का दावा करेंगे।