केस 1
मेंहदी बाग में रहने वाले मोहित साहू 8 मार्च 2019 को कॉलेज जाने के लिए निकले थे, इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। पुलिस ने उसकी खूब खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। दो साल बीतने के बाद भी पुलिस उसका कोई सुराग नहीं लगा सकी।
केस 2
कुंजबिहार मंदिर के पास रहने वाले अशोक सेन 20 जून 2017 को अचानक लापता हो गए थे। लंबा समय बीत जाने के बाद भी आज तक उनका पता नहीं लग सका। वे एक स्कूल में अध्यापक हैं। पत्नी भी चक्कर लगाकर थक चुकी हैं।
केस 3
बाबूलाल कारखाने के पास रहने वाले पंकज गुप्ता एक फाइनेंस कंपनी में काम करते थे। 24 मई 2017 की सुबह सवा नौ बजे वह ऑफिस के लिए निकले थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। तीन साल बीतने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं लगा।
यह करती पुलिस
- महिला या किसी अन्य के लापता होने पर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करना।
- गुमशुदगी के बाद पुलिस उनके पोस्टर हर थाने पर भेजती है।
- डीसीआरबी के जरिए सभी को इसके बारे में जानकारी दी जाती है ताकि गुमशुदा के बारे में कहीं से भी जानकारी मिल सके।
एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी ने बतया कि लापता लोगों को बरामद करने के लिए पुलिस की टीमें बनाई गई हैं। जो विभिन्न राज्यों में भी जाकर जानकारी जुटाती हैं। कई लोगों को पुलिस टीम ने बरामद किया है। कुछ लोगों को बरामद करने के प्रयास लगातार जारी हैं। बरामदगी को लेकर समीक्षा भी जा रही है।