झांसी। आईजी कानपुर जोन जकी अहमद की समीक्षा बैठक में पीएनबी में पड़ी लूट और दवा कारोबारी के घर पड़ी डकैती का मुद्दा छाया रहा। अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर अधीनस्थों की खिंचाई की। कई मामलों पर अनुत्तरित सीओ बगलें झांकने लगे। उन्होंने लताड़ लगाते हुए कार्यशैली में सुधार नहीं लाने पर परिणाम भुगतने की हिदायत दे डाली।
यूनीवर्सिटी के इंटरनेशनल गेस्ट हाउस में मंगलवार रात को हुई समीक्षा बैठक में आईजी ने सबसे पहले पीएनबी में हुई लूट पर चर्चा की। लुटेरों की तलाश में जुटी पुलिस टीमों द्वारा किए गए कार्यों की प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अब तक तो लुटेरों के गिरेबां तक पुलिस के हाथ पहुंच जाने चाहिए थे। इसके बाद उन्होंने दवा कारोबारी अनिल दरगड़ के घर पड़ी डकैती के बारे में चर्चा तो अधिकारी बगले झांकने लगे।
उन्होंने सीओ सिटी से पूछा कि क्या डकैती डालने वाले डकैतों के बारे में कोई सुराग लगा? आईजी के सवाल पर सीओ अनुत्तरित की स्थिति में थे। इस दौरान एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने आगे बढ़कर स्थिति को संभालते हुए जवाब दिया। जवाब से असंतुष्ट आईजी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह शर्मनाक है कि अभी तक डकैतों के बारे में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि दोनों ही मामलों में पुलिस की ओर टीमों को लगाया जाए ताकि जल्द से जल्द वारदातों का खुलासा हो सके। इसके बाद आईजी ने लंबित विवेचनाओं, अपराधियों की गिरफ्तारियों पर चर्चा की। इस दौरान डीआईजी शरद सचान, एसएसपी मनोज तिवारी, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, एसपी देहात अरुण कुमार दीक्षित आदि मौजूद थे।