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- श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन समवशरण मंदिर में हुई बेदी प्रतिष्ठा
संवाद न्यूज एजेंसी
चिरगांव। नगर में रामनगर रोड पर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन समवशरण मंदिर में बेदी प्रतिष्ठा समारोह के अंतर्गत रविवार को भगवान का अभिषेक, शांति धारा, इंद्र प्रतिष्ठा, मंडल प्रतिष्ठा के साथ ही याज्ञ मंडल विधान प्रारंभ हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक- श्राविकाओं ने पूजन करते हुए भगवान की आराधना की।
जैन मुनि विलोक सागर ने अपने संबोधन में कहा कि चमत्कार पाषाण की प्रतिमाओं में नहीं होते हैं। वे श्रद्धालुओं की श्रद्धा में होते हैं। जिन तीर्थंकरों को यहां पर लाया गया है। उनका भी यही अतीत रहा होगा। लेकिन अच्छे संस्कार पाकर ही आज पाषाण भी देवता बन गए हैं। तो मेरी आत्मा भी पावन से परमात्मा क्यों नहीं बन सकती है।
उनका कहना था कि जब चट्टान पर निरंतर चोट मारने से वह टूट सकती है तो कर्म क्यों नहीं टूट सकते हैं। हमें अपने जीवन में रोष नहीं रोशनी दिखानी होगी। शाम सात बजे बोधराज जैन एवं उनके परिवार ने भगवान की महाआरती की। इस अवसर पर कैलाश चंद जैन बघैरा, रमेश चंद जैन सरसेंड़ा, मुकेश नायक, ऋषभ बाबा, निर्मलचंद जैन, सुनील जैन, संजय जैन, प्रवीण जैन, सजल जैन, विजय जैन, विकास जैन मौजूद रहे।