झांसी। विकलांग जनों को सहायक उपकरण दिए जाने का समारोह स्थगित क्या हुआ, वितरित किए जाने वाला कबाड़ की तरह जहां-तहां रख दिया गया। जीआईसी परिसर में खुले आसमान के नीचे रखा डेढ़ करोड़ का सामान धूल, पानी और धूप में खराब हो रहा है।
विकलांग जनों के कल्याण को आए इन उपकरणों के वितरण के लिए मंत्री के आने की इंतजार है। उधर, विभागीय अधिकारी नौ जून को कार्यक्रम आयोजित कराने की बात कर रहे हैं, मगर अभी तक किसी बड़े नेता के आने की स्पष्ट जानकारी नहीं है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तत्वावधान में मई के शुरूआत मेें झांसी जनपद के प्रत्येक ब्लाक में शिविर लगाए गए। इन शिविरों में विकलांग जनों को ट्राइसाइकिल व अन्य सहायक उपकरण निशुल्क दिए जाने के लिए पंजीकृत किया गया। साथ ही उन्हें एक रसीद दी गई।
इन शिविरों में पूरे जिले से कुल 1851 विकलांगजनों को चयनित किया गया था। सामान वितरण कराने के लिए केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थापर चंद गहलोत व जल संसाधन मंत्री उमा भारती के मुख्य आतिथ्य में एक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए 19 मई की तिथि घोषित कर दी गई। ऐन वक्त पर अतिथियों का आगमन निरस्त हो गया और सहायता पाने की आस लगाए विकलांगजन भी निराश हो गए।
उनको दिया जाने वाला सामान जीआईसी झांसी में खुले आसमान के नीचे रख दिया गया। विकलांग जन कल्याण विभाग के अनुसार इस सामान (ट्राईसाइकिल, बैशाखी, व्हील चेयर, कान की मशीन, नेत्रहीनों के लिए छड़ी) को डेढ़ करोड़ की लागत से खरीदा गया था। यह सामान धूप, धूल और पानी में खराब हो रहा है। न तो कोई चौकीदार है और न ही कोई अन्य सुरक्षा व्यवस्था। उधर, सहायता की आस में विकलांग जनों को इंतजार है कि कब कोई मंत्री अथवा बड़ा नेता आएगा और उन्हें सरकारी मदद नसीब हो सकेगी।
उधर, जिलाधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने एक पत्र जारी करते हुए सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से मिली सूचना के अनुसार एडिप योजना के तहत एलिम्को कानपुर द्वारा कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण का वितरण नौ जून 2016 को एक कार्यक्रम में विकलांगजनों को रसीद देखकर उपकरण वितरित किए जाएंगे।
‘सभी विकलांग जन अपने साथ शिविर में कराए गए रजिस्ट्रेशन की रसीद अवश्य लाएं। यदि वह स्वयं नहीं आ पा रहे हैं तो उनके परिजन रसीद दिखाकर उपकरण प्राप्त कर सकते हैं।’
- सोन कुमार, जिला विकलांग जन कल्याण अधिकारी