बालू भण्डारण की जांच करते प्रशासनिक कर्मचारी।
- फोटो : विभाग।
मानसूनी सीजन में बालू और मौरंग के खनन को तीन महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब 30 सितंबर तक सभी बालू घाट पूरी तरह से बंद रहेंगे। जिलाधिकारी गौरांग राठी के मुताबिक केंद्र सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन और ''सस्टेनेबल सैंड माइनिंग मैनेजमेंट गाइडलाइंस-2016'' के तहत यह प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध मानसूनी सीजन में नदियों के प्राकृतिक प्रवाह के साथ ही जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए लगाया गया है।
पट्टा धारकों को प्रतिबंध अवधि के दौरान अपने-अपने पट्टा क्षेत्रों में खनन और खनिज परिवहन पूरी तरह से बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। पट्टा क्षेत्र से किसी भी प्रकार का अवैध खनन की शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी। निगरानी के लिए कर्मचारियों की तैनात किया जाएगा। प्रतिबंध अवधि में खनन पट्टा क्षेत्र से परिवहन होने पर कठोर कार्रवाई होगी।
सुल्तानपुरा में भंडारण स्थल पर मिली अनियमितता
निरीक्षण के दौरान मोंठ के सुल्तानपुरा में स्वीकृत भण्डारण की जांच की गई। भंडारण स्थल पर अनियमितता पाये जाने के कारण जिलाधिकारी ने भण्डारण के क्रय-विक्रय को प्रतिबंधित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस मौके पर खान निरीक्षक अमित कुमार, संतोष पाल, नायब तहसीलदार रणजीत सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।