कलेक्ट्रेट में बालू का ठेका लेने के लिए ठेकेदारों व समर्थकों की भीड़ लगी रही। ज्यादातर निविदाएं खुल गईं, लेकिन साइट बंद हो जाने के कारण आधा दर्जन बालू घाटों की निविदाएं नहीं खुल सकीं। यह निविदाएं आज बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में खुलेंगी।
बालू पर काफी समय से रोक लगी है। बालू नहीं मिलने से ज्यादातर निर्माण कार्य ठप चल रहे हैं। इससे न केवल मजदूर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं, बल्कि ठेकेदारों के काम भी ठप चल रहे हैं। शासन ने इसके लिए टेंडर निकालने के निर्देश दिए थे, ताकि लोगों को बालू के लिए परेशान नहीं होना पड़े। ई - टेंडरिंग के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई। बुधवार को टेंडर खोले गए। बालू घाट बड़ौरा, गंगावली, खिरिया पाली, बरगढ़, डिकौली, पुरनी, एरच, सेकर, ठर्रो और खड़ौरा क्षेत्र की ई- निविदा खोली गई। एक से लेकर दस घाटों के टेंडर खोलने में तो इंटरनेट ठीक चला, लेकिन बाद के छह घाटों की निविदाएं खोलने में साइट बंद हो गई। इस दौरान बालू घाट धवाकर, पचौरा, लुहरगांव, शमशेरपुरा, चेलरा और परैछा घाट की बिड खोलते समय साइट बंद हो गई। काफी देर इंतजार करने के बाद भी सफलता नहीं मिली। इस कारण अब आज बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे से कलेक्ट्रेट में निविदा खोली जाएगी।
जिला खान अधिकारी आर बी सिंह ने बताया कि साइट बंद होने के कारण छह घाटों के टेंडर नहीं खुल सके। उन्हें आज खोला जाएगा। इस मौके पर जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान, अपर जिलाधिकारी विजय बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी रमाशंकर गुप्ता उपस्थित रहे।