भोजपुरी फिल्मों के लेखक और निर्देशक संतोष जैन को झांसी में चंदनियां मिल गई है। चौंकिए नहीं, वह यहां अपनी आने वाली फिल्म ‘मिल गइली चंदनिया’ की शूटिंग कर रहे हैं। यहां बीस दिन शूटिंग का शेड्यूल है। अब तक वह रानी के किला, रग्घूमल जैन की कोठी में शूटिंग कर चुके हैं। अब उनकी यूनिट खैलार की बावड़ी पर फिल्म के दृश्यों का फिल्मांकन कर ही है। इसमें बुंदेली, छत्तीसगढ़ और भोजपुरी कलाकार अदाकारी कर रहे हैं।
संतोष जैन ने बताया फिल्म की थीम लोक कलाकारों पर है, जिन्हें सामाजिक व आर्थिक परेशानियां झेलनी पड़ती है। लोक कलाकारों की मंडली को चंदनिया नाम की महिला सहारा देती है, जिसे डाकू उठा ले जाते है। लेकिन, तमाम दिक्कतों के बाद भी मंडली चंदनिया की मेहनत को सार्थक करते है, और उसके कार्यक्रम पेश करते है।
फिल्म महिला सशक्तीकरण से भी जुड़ी है। फिल्म का बजट 75 लाख रुपये है। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार की फिल्म बंधु योजना का सहयोग है। फिल्म में रजा मुराद आकाश सोनी, कौशल उपाध्याय, डा. रत्ना पांडेय, उपासना वैष्णव, प्रभाकर वर्मन, चांदनी पारख आदि कलाकार है। मुख्य भूमिका मास्टर भूरा सिंह का किरदार कौशल उपाध्याय और चंदनिया का किरदार भोजपुरी फिल्मों की आइटम डांसर ग्लोरी मोहंता निभा रही हैं।
फिल्म में झांसी के विजय नारायण तिवारी, चक गुरुजी, मातादीन, धर्मेंद्र खरे भी अभिनय कर रहे है। चीफ असिस्टेंट डायरेक्टर अरुण यादव, सह निर्देशक प्रभाकर वर्मन, संगीत निर्देशक सुनील सोनी है।
बेवजह बदनाम होती हैं भोजपुरी फिल्में: ग्लोरी
भोजपुरी फिल्मों की आइटम डांसर ग्लोरी मोहांता ने अमर उजाला से भेंट में कहा कि भोजपुरी फिल्मों क ो बेवजह बदनाम किया जाता है। हॉलीवुड और बॉलीवुड की तमाम फिल्मों में भी बड़ी हीरोइन अंग प्रदर्शन करती है। भोजपुरी फिल्म साजन चले ससुराल पार्ट 2, मेहंदी लगा के रखना, ज्वाला, बेटा सहित बंगाली, गुजराती, पंजाबी भाषा की लगभग 80 फिल्मों में काम चुकी ग्लोरी को मलाल है कि महिला कलाकारों के साथ भेदभाव बरता जाता है। उन्होंने कहा कि हिंदी और विदेशी फिल्मों के कलाकारों में लोगों को टैलेंट दिखता है, लेकिन क्षेत्रीय भाषा की अच्छा बिजनेस देने वाली फिल्मों के कलाकारों का हुनर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि वह पहली बार झांसी आईं है और यहां रानी लक्ष्मीबाई को जानना चाहती हैं।