झांसी। झांसी में सैनिक स्कूल की स्थापना की दिशा में साल का अंतिम माह महत्वपूर्ण साबित हुआ है। लंबी कागजी कार्यवाही के बाद शासन ने इसके लिए पचास एकड़ जमीन नि:शुल्क उपलब्ध करा दी है। अगले साल की प्रथम तिमाही में इसका निर्माण शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
सैनिक स्कूल की स्थापना के लिए झांसी सदर तहसील के ग्राम दिगारा में भूखंड संख्या 445 की पचास एकड़ (20.235 हेक्टेअर) भूमि उपलब्ध कराई गई है। राजस्व अभिलेखों में यह भूमि पुनर्वास के नाम दर्ज थी, जिसे शासन की सहमति के बाद सैनिक स्कूल के नाम हस्तांतरित किया गया है।
सैनिक स्कूल को यह जमीन प्रदेश सरकार द्वारा नि:शुल्क आवंटित की गई है। सैनिक स्कूल भवन के निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई है। निर्माण निगम द्वारा एक प्राइवेट एजेंसी से इसकी डिजाइन तैयार कराई गई है। निगम सूत्रों के अनुसार झांसी के सैनिक स्कूल का नक्शा लखनऊ सैनिक स्कूल की तर्ज पर तैयार किया गया है।
मालूम हो कि एरच में बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना का 19 मई को शिलान्यास करने आए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने झांसी में सैनिक स्कूल का भी शिलान्यास किया था। लेकिन, उस समय इसके लिए जमीन तक चिह्नित नहीं थी।
संचालन को गठित होगा एलबीए
झांसी। सैनिक स्कूल के संचालन के लिए लोकल बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (एलबीए) का गठन किया गया जाएगा। बोर्ड के चेयरमैन सेना के जीओसी रहेंगे। जबकि, सैनिक स्कूल के प्रिंसिपल इसके सदस्य सचिव होंगे। इसके अलावा बोर्ड में स्थानीय सांसद, जिलाधिकारी, शिक्षा विभाग का एक अधिकारी, दो शिक्षाविद व एक अभिभावक को बोर्ड का सदस्य बनाया जाएगा।
छह से बारहवीं तक की होगी पढ़ाई
झांसी। सैनिक स्कूल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध रहेगा। इसमें कक्षा छह से बारहवीं तक की पढ़ाई होगी। विद्यालय में बच्चों का प्रवेश ऑल इंडिया लेवल के एग्जाम के माध्यम से होगा। इसमें बच्चों को आवासीय सुविधा मुहैया कराई जाएगी।