शहर में जगह - जगह लगने वाले कचरे के ढेर समाप्त होंगे। महापौर रामतीर्थ सिंघल ने शहर को कचरा फ्री बनाने के लिए घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। यह हस्ताक्षर उन्होंने इंदौर में संपन्न हुए 8वें रीजनल तीन-आर फोरम (एशिया और आसपास के देशों के सेमिनार) में किए हैं।
कचरा महानगरों की बड़ी समस्या बना हुआ है। इसके समाधान के लिए इंदौर में क्षेत्रीय तीन-आर (रीड्यूज, रीयूज व रीसाइकिल) सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र संघ, जापान और शहरी विकास मंत्रालय के सौजन्य से आयोजित किया गया, जिसमें देश के 106 और आसपास के देशों के 40 महापौरों ने हिस्सा लिया।
सभी ने घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए कि महानगर को कचरा घर फ्री बनाएंगे। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए आने वालों को ही कचरा दें, इसके लिए जागरूकता की जरूरत है। छुट्टा घूमने वाले जानवरों पर रोक लगाई जाएगी। ऐसे लोग चिह्नित होंगे, जो जानवरों का दूध निकालने के बाद उन्हेें छुट्टा छोड़ देते हैं। ऐसे लोगों से जुर्माना भी वसूला जाएगा। इसमें महापौर रामतीर्थ सिंघल व मुख्य अभियंता एलएन सिंह ने हिस्सा लिया। वहां से लौटकर महापौर ने बताया कि इंदौर में एक भी कचरा घर नहीं है। पूरा शहर डोर टू डोर कचरा देता है। यह व्यवस्था झांसी में भी होगी। जल्द इस दिशा में काम शुरू कर दिया जाएगा।