झांसी। महानगर में बीस किलोमीटर लंबाई में मेट्रो लाइन बिछाई जाएगी। दस-दस किलोमीटर के दो सेक्शन होंगे। कार्यदायी एजेंसी राइट्स ने अपनी प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट में इसका प्रस्ताव किया है। एजेंसी ने कुछ दिन पहले यह रिपोर्ट जेडीए को सौंपी है। इसके मंजूर होने के बाद महानगर के अंदर रूट तय करने का काम शुरू होगा। जेडीए अफसरों ने अगले साल की शुरूआत तक काम के शुरू होने की उम्मीद जताई है।
कैबिनेट ने मई माह में झांसी में लाइट मेट्रो के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। प्रोजेक्ट तैयार करने की जिम्मेदारी राइट्स कंपनी को सौंपी गई। जेडीए के साथ करार होने के बाद कंपनी प्रारंभिक सर्वे में जुट गई थी। करीब डेढ़ महीने में कंपनी ने महानगर के विभिन्न इलाकों में सर्वे किया। जिन इलाकों तक मेट्रो लाइन बिछाई जा सकती है, उसका अध्ययन किया। इसमें कंपनी ने महानगर के भीतर बीस किलोमीटर में मेट्रो लाइन बिछाने को पर्याप्त माना। इसमें महानगर के अधिकांश हिस्से को कवर किया जा सकता है। अभियंताओं के मुताबिक दस किलोमीटर के अलग-अलग खंड बनेंगे। एजेंसी ने सर्वे रिपोर्ट जेडीए को सौंप दी गई है। अब इसके आधार पर आगे का काम तय होगा। जेडीए सचिव दिनेश का कहना है सर्वे रिपोर्ट के बाद इसका डीपीआर तैयार कराया जाएगा। इसमें रूट समेत स्टेशन तय होंगे। शासन ने यह काम तेजी से करने के निर्देश दिया है।
बिछाई जाएगी एलिवेटेड लाइन
झांसी में एलिवेटेड (पुल के ऊपर चलने वाली मेट्रो) लाइन ही बिछाई जाएगी। प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट में भी एलिवेटेड लाइन को ही यहां के लिए उपयुक्त पाया गया। एलिवेटेड लाइन को बिछाने में कम खर्च आता है जबकि टनल मेट्रो काफी खर्चीली होती है।