झांसी। पद्मश्री बाबा योगेंद्र एवं लोकतंत्र सेनानी डाॅ. धन्नूलाल गौतम की स्मृति में दीनदयाल सभागार में बुधवार को काव्यांजलि का आयोजन हुआ। जाने माने कवि आलोक श्रीवास्तव ने पिता पर केंद्रित कई कविताएं सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। खास तौर से, कभी बड़ा सा हाथ खर्च, कभी हथेली की सूजन, मेरे मन का आधा साहस, आधा डर थे बाबूजी सुनाकर जमकर वाहवाही बटोरी।
भजन गायक पंकज तिवारी ने भी कई भजन प्रस्तुत किए। छतरपुर से आए अमित दुबे ने लोकगीत प्रस्तुत करके अनूठा समा बांध दिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विधाओं के लोक कलाकारों का सम्मान भी हुआ। इनमें सितार वादन में पं. परशुराम पाठक, गौरीशंकर सरवैया, मेखराज, अंशुल कुमार, कथक में किशन सोनी, कामिनी बघेल समेत कई कलाकारों का सम्मान हुआ। इस दौरान एमएलसी बाबूलाल तिवारी, राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा, पूर्व मंत्री रविंद्र शुक्ला, आचार्य हरिओम पाठक, मनोज थापक, नरेश चंद्र अग्रवाल, गिरीश चंद्र मिश्रा, डा. नीति शास्त्री, बिशप विल्फ्रेड मोर, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह, श्याम सुंदर सिंह, ब्लॉक प्रमुख राजकांतेश वर्मा आदि उपस्थित रहे। संचालन डाॅ. जितेंद्र तिवारी, संजय राष्ट्रवादी एवं सुमित मिश्रा ने किया। आभार पूर्व पालिकाध्यक्ष पुत्र एवं जिला पंचायत अध्यक्ष पवन कुमार गौतम ने व्यक्त किया।