झांसी। बिजली विभाग ने बकायेदारों की सुविधा के लिए चलाई जा रही आसान किस्त योजना पर सख्ती दिखाना शुरू कर दी है। बुधवार को आगरा से आए मुख्य अभियंता व जिले के नोडल अधिकारी राजीव जैन ने योजना की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही कहा कि मीटर रीडर बिल बनाने के बाद उस पर योजना की मुहर लगाएं और साथ में पंपलेट भी दें। पंपलेट में योजना के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। साथ ही, अवर अभियंताओं को हर दिन 50 पंजीकरण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बिजली विभाग के लिए उपभोक्ताओं पर बकाया एक बड़ी समस्या है। इससे महकमा लगातार घाटे में जा रहा है। इसलिए विभाग ने 11 नवंबर से एक से चार किलोवाट तक के तीन हजार से ऊपर के बकायेदार उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए आसान किस्त योजना शुरू की थी। इस योजना मेें शहरी उपभोक्ता को अपना बकाया 12 और ग्रामीण उपभोक्ताओं को 24 किस्तों में जमा करना हैं। पंजीकरण 31 दिसंबर तक होगा। पंजीकरण के वक्त कुल राशि का 5 प्रतिशत या 1500 रुपये जमा करना अनिवार्य । बाद में किस्तों के साथ हर महीने बिल की राशि भी जमा करनी है। मगर पिछले 15 दिन में महानगर में 150 और ग्रामीण में सिर्फ 250 बकायेदारों ने पंजीकरण कराए हैं।
योजना में तेजी लाने के लिए बुधवार को नोडल अधिकारी ने यहां के सभी अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में तय हुआ कि मीटर रीडर तीन हजार से ऊपर के बकायेदारों के नाम और उनके मोबाइल नंबर की सूची विभाग को सौंपेगा। सूची के आधार पर कंट्रोल रूम से हर संबंधित उपभोक्ता को योजना का लाभ लेने के लिए कॉल किया जाएगा। साथ ही संविदा कर्मी मीटर रीडर के साथ जाकर बकायेदार का घर देखने जाएगा, ताकि योजना का लाभ न लेने पर उसका कनेक्शन आसानी से काटा जा सके। बैठक में मुख्य अभियंता (वितरण) मनोज कुमार पाठक, अधीक्षण अभियंता राकेश वार्ष्णेय आदि अफसर मौजूद रहे।
बकायेदार योजना का पंजीकरण संबंधित सबस्टेशन के अवर अभियंता के पास, उपखंड या अधिशासी अभियंता कार्यालय अथवा सुविधा केंद्रों पर करवा सकते हैं। हर अधिकारी को सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक हर हाल में अपने कार्यालय में बैठने के लिए कहा गया है। साथ ही, उनको इस अवधि मेें सेल्फी भी लेकर भेजनी होगी। योजना का लाभ न लेने पर बकायेदारों के कनेक्शन काटना शुरू कर दिया जाएगा।
राजीव जैन, नोडल अधिकारी।
ये हैं बकायेदार
महानगर में 1.18 लाख उपभोक्ता हैं। इनमेें तीन हजार रुपये से अधिक के 5225 उपभोक्ता हैं। जिन पर दो करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। ग्रामीण में 1.59 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें मऊरानीपुर टाउन के 3026 उपभोक्ताओं पर 18 करोड़ और बाकी क्षेत्रों के 67008 उपभोक्ताओं पर 431 करोड़ का बकाया चल रहा है।