मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के साथ हुई थी रैगिंग
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में पांच दिन पहले इमरजेंसी में हुई सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टरों के बीच मारपीट प्रकरण में रैगिंग की पुष्टि हो गई है। एक वीडियो सामने आने के बाद समिति ने मान लिया है कि जूनियर के साथ रैगिंग हुई। अब आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है।
13 फरवरी को देर रात ड्यूटी के दौरान इमरजेंसी में सर्जरी विभाग के दो जूनियर डॉक्टरों में विवाद हो गया। सीनियर और जूनियर डॉक्टर के बीच जमकर मारपीट हुई थी। इसमें दोनों डॉक्टरों के कान का पर्दा फट गया था। मामले की शिकायत एंटी रैगिंग समिति से की गई थी। सोमवार को हुई एंटी रैगिंग समिति ने बैठक में दोनों जूनियर डॉक्टरों के बयान दर्ज किए गए। समिति ने माना कि रैगिंग नहीं हुई है।
ऐसे में प्रकरण को अनुशासन समिति को भेज दिया गया। इसी बीच एक वीडियो सामने आया, जिसमें सीनियर डॉक्टर जूनियर को घसीटते हुए कमरे में ले जाते हुए दिखा। आसपास खड़े अन्य सीनियर यह घटना देख रहे थे। चूंकि, किसी भी सीनियर की पिटाई से जूनियर का मन खराब हो जाना भी रैगिंग की श्रेणी आता है, ऐसे में समिति ने माना कि जूनियर के साथ रैगिंग हुई है। एंटी रैगिंग समिति के अध्यक्ष डॉ. एनएस सेंगर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि रैगिंग पर न्यूनतम 25 हजार रुपये जुर्माना, कक्षाओं से निलंबन, परीक्षा व हॉस्टल से निलंबन, कॉलेज से निष्कासन आदि कार्रवाई का प्रावधान है। अब समिति कार्रवाई पर फैसला लेगी।
शिकायतकर्ता की भी चल रही जांच
पीड़ित जूनियर डॉक्टर की भी कॉलेज प्रशासन प्रशासनिक जांच करा रहा है। लगभग 15 दिन पहले शिकायतकर्ता ने सर्जरी विभाग में भर्ती मरीजों के परिजनों के साथ मिलकर एक अधिकारी के घर पर जाकर विवाद किया था। जूनियर डॉक्टर का कहना था कि इमरजेंसी में सामान नहीं है। डॉ. सेंगर ने बताया कि मामले की सूचना 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को दी गई थी। बाद में जूनियर डॉक्टर के खिलाफ प्रशासनिक जांच के आदेश दिए गए।