अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने भर्ती रोगियों के तीमारदारों और वार्ड में आने वालों के लिए सख्त गाइडलाइन तो जारी कर दी थी मगर उसका किसी भी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है। वार्डों में न सिर्फ रोगी को देखने के लिए आने वालों की भीड़ रहती है बल्कि वहीं खाना खाकर सो भी जाते हैं। नर्सिंग स्टाफ उन्हें न रोकता है और न टोकता है। गाइडलाइन का पालन कराने वाले सिक्योरिटी गार्ड भी नजर नहीं आते हैं।विगत दिनों प्रधानाचार्य डॉ. मयंक सिंह ने मरीजों से मिलने का समय तय करते हुए गाइडलाइन जारी करते हुए कॉलेज परिसर में जगह-जगह चस्पा करवा दी है। नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों को गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने के आदेश भी दिए हैं, जो शनिवार को पूरी तरह से तार-तार होती नजर आई। वार्ड नंबर तीन, चार, पांच, छह, सात और आठ नंबर बेड पर तीमारदार अथवा देखने के लिए आए लोग आराम से लेटकर बातचीत करते दिखे। एक-एक रोगी के पास कई लोग मौजूद रहे। यही नहीं, छोटे-छोटे बच्चे रोगी के पास बैठकर खाना खा रहे थे बल्कि कुछ मोबाइल से खेलने में मशगूल दिखे। जब रोगियों के तीमारदारों से बात की गई तो उन्होंने तय समय सीमा की जानकारी के बारे में अनभिज्ञता जताई।