झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी की निगरानी करने के लिए सात डॉक्टरों की टीम बना दी गई है। टीम देखेगी कि ड्यूटी के दौरान कौन-कौन से चिकित्सक अनुपस्थित रहे। साथ ही इमरजेंसी में कौन सी दवाओं का टोटा है या फिर कोई मशीन खराब तो नहीं है। इसके अलावा हर समय सीनियर रेजिडेंट (एसआर) की भी तैनाती की जाएगी। ये मरीजों के हाल चाल के बारे में तीमारदारों को बताते रहेंगे।
अभी मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी में कंसलटेंट की ड्यूटी लगाई जाती है, जो कि बीच-बीच में राउंड लेते हैं। किसी भी मरीज की हालत बिगड़ने पर फोन करके उन्हें बुलाया जाता है। बाकी, हर समय जूनियर रेजिडेंट इमरजेंसी में तैनात रहते हैं। ये मरीजों के तीमारदारों को इलाज से जुड़ी सही जानकारी नहीं दे पाते हैं। ऐसे में कई बार परिजनों को लगता है कि उनके मरीज का इलाज सही से नहीं हो रहा है। अब तीमारदारों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने एसआर की तैनाती करने का फैसला लिया है। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि इसी सप्ताह से आठ-आठ घंटे के लिए एसआर की ड्यूटी लगाई जाएगी। ये मरीज के इलाज की जानकारी तीमारदारों को देंगे। साथ ही उनकी समस्याओं को सुनकर दूर कराएंगे। वहीं, सात सदस्यीय सीनियर डॉक्टरों की टीम इमरजेंसी की हर गतिविधि व समस्या पर नजर रखेगी।