अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में हृदय रोगियों की जल्द निशुल्क एंजियोप्लास्टी शुरू होगी। इसके लिए शासन से असाध्य रोग का बजट उपयोग करने की अनुमति मांगी गई है। तय हुआ है कि कॉलेज प्रशासन शासकीय माध्यम से स्टेंट लेगा।
असाध्य बीमारी (कैंसर, हृदय रोग, गुर्दा आदि) से पीड़ितों के समुचित उपचार के लिए असाध्य रोग बजट मिलता है, जो तीन से चार करोड़ का होता है। सूत्र बताते हैं कि काफी रोगियों का उपचार आयुष्मान कार्ड से होता है। इसलिए असाध्य रोग का बजट पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पाता। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ने इस बजट से अब हृदय रोगियों के स्टेंट डालने का फैसला लिया है। कानपुर मेडिकल कॉलेज और संजय गांधी पीजीआई लखनऊ में भी स्टेंट रोगियों के निशुल्क स्टेंट डाले जाते हैं। इसी आधार पर यहां के लिए भी शासन से मंजूरी मिलने के संकेत हैं। एसआईसी डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि प्रधानाचार्य डॉ. शिव कुमार ने असाध्य बजट से हृदय रोगियों को निशुल्क स्टेंट डालने की अनुमति मांगी है। जल्द ही शासन से अनुमति मिलने की उम्मीद है।
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एक स्टेंट डलवाने में एक लाख तक आता है खर्च
स्टेंट की कीमत 50 से 80 हजार रुपये तक है। इसके पड़ने के बाद कई इंजेक्शन और दवाएं बाजार से मंगाई जाती हैं, जिसकी वजह से एक स्टेंट डालने का औसतन खर्च एक से सवा लाख रुपये आता है। यदि स्टेंट निशुल्क मिलेंगे तो रोगियों को काफी राहत मिलेगी।