अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज के वार्डों में तीमारदारों के जमावड़ा और आए दिन वाद-विवाद पर अंकुश लगाने के लिए गाइड लाइन जारी कर दी गई है। इसके तहत भर्ती रोगी से मिलने का समय तय कर दिया गया है। यही नहीं, अटेंडेंट (रोगी अभिभावक) के लिए पास की अनिवार्यता कर दी गई है।
मेडिकल कॉलेज के वार्डों में रोगी के साथ आने वाले तीमारदार बेड पर बैठकर बातचीत करते रहते हैं। वहीं, खाना-पीना भी करते हैं। इससे वार्ड में न सिर्फ गंदगी फैली रहती है, बल्कि नर्सिंग स्टॉफ और डॉक्टरों को उपचार करने में दिक्कत होती है। अब लोग अपने मरीजों से तय समय पर ही मिल सकेंगे। इसका सख्ती से पालन कराने के लिए सिक्योरिटी सुपरवाइजर को निर्देश दे दिए गए हैं। प्रत्येक वार्डों के बाहर गार्डों तैनात कर दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज परिसर एवं वार्डों में गाइड लाइन चस्पा करवा दी गई है।
वार्ड में अव्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए रोगी के मिलने का समय तय कर दिया गया है। सिक्योरिटी गार्ड गाइड लाइन का सख्ती से पालन करवाएंगे। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही व ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
- डॉ. मयंक सिंह, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज
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ये है गाइड लाइन
- मरीज से सुबह सात से आठ बजे, दोपहर एक से दो बजे, रात्रि में सात से आठ बजे मिलना होगा।
- अटेंडेंट के लिए पास होना अनिवार्य है। पास होने पर ही मरीज के पास रुकने की अनुमति होगी।
- चिकित्सालय परिसर व वार्ड में किसी भी प्रकार की वीडियोग्राफी निषेध रहेगी।
- चिकित्सालय परिसर एवं वार्ड में हथियार के साथ प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
- धूम्रपान करने पर 200 रुपये जुर्माना लगेगा, जो नगद देना होगा।