अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। ओवरलोडिंग से मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल पैथोलॉजी की एमसीबी (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) फुंक गई। इसके चलते, शुक्रवार को करीब छह घंटे तक इमरजेंसी, ओपीडी और वार्डों में भर्ती रोगियों की जांच का काम ठप रहा। वहीं, बिजली गुल रहने के बावजूद रोगी व तीमारदार काउंटर के पास ही बैठे रहे ताकि जांच शुरू होने पर सबसे पहले उनका नंबर आ जाए।
सेंट्रल पैथोलॉजी में खून की जांच करने वाली मशीनें लगी हुई हैं। इन्हें वोल्टेज और ओवरलोडिंग की वजह से कोई नुकसान न पहुंचे, इसलिए एमसीबी लगी है। बृहस्पतिवार को ओवरलोड के चलते एमसीबी फुंक गई। इसके चलते पैथोलॉजी में जांच का काम ठप हो गया। इसकी सूचना मिलने पर कॉलेज के बिजली विभाग के इंजीनियर मौके पर पहुंचे और वैकल्पिक व्यवस्था कर पैथोलॉजी की जांच का काम शुरू करवा दिया। शुक्रवार की सुबह करीब 9.30 बजे टीम दोबारा पैथोलॉजी पहुंची और एमसीबी बदलने का काम शुरू कर दिया। दोपहर 3.20 बजे तक काम चला। इस दौरान लैब में होने वाली जांच पूरी तरह से ठप रही। वहीं, ओपीडी, इमरजेंसी और वार्डों में भर्ती रोगियों की जांच कराने अथवा रिपोर्ट लेने वालों की काफी भीड़ जमा हो गई। बिजली न होने की वजह से पंखे भी नहीं चल रहे थे। फिर भी लोगों ने काउंटर नहीं छोड़ा। लोग जमीन पर बैठकर जांच शुरू करने का इंतजार कर रहे थे। मेडिकल कॉलेज के इंजीनियर राम सरन ने बताया कि ओवरलोड के चलते एमसीबी जल गई। पैथोलॉजी में नई मशीनों के लिए भी कनेक्शन की व्यवस्था करनी थी। इसलिए एमसीबी बदलने के साथ-साथ मशीनों में नया कनेक्शन दिया गया। इस वजह से समय लग गया।