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मेडिकल कॉलेज: पूस की सर्दी में मरीज को कंबल तक नसीब नहीं

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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती अधिकतर मरीजों को पूस की सर्दी में कंबल तक नहीं मिल रहा है। हाल ये है कि मरीज अपने घर से कंबल लेकर आ रहे हैं। वार्ड में भर्ती इक्का-दुक्का मरीजों को अगर कंबल दे भी दिया जाता है, तो वो इतना पतला होता है कि सर्दी बचती ही नहीं।
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पिछले कुछ दिनों से अचानक से सर्दी बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। रात में भी सर्द हवाएं चलनी शुरू हो गई हैं। मेडिकल कॉलेज में 10 वार्ड और एक इमरजेंसी में मरीज भर्ती हैं। इनमें हर समय 600 से 700 मरीज भर्ती रहते हैं। रविवार को अमर उजाला ने मेडिकल कॉलेज के वार्ड और इमरजेंसी की पड़ताल की तो अधिकतर रोगियों और उनके परिजनों ने बताया कि वो उन्हें अस्पताल से कंबल नहीं मिला है। ऐसे में उन्हें घर से कंबल मंगवाना पड़ा। इक्का-दुक्का मरीज अस्पताल का लाल कंबल ओढ़े दिखे भी तो उन्होंने बताया कि एक कंबल घर से और मंगवाया है। अस्पताल से मिले कंबल से सर्दी दूर नहीं होती। इसलिए दो कंबल ओढ़ने पड़ रह हैं।
कर्मचारी करते आराम, परिजन तीसरी मंजिल तक घसीटते स्ट्रेचर
झांसी। मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग पर कई वार्ड ब्वाय रखे हुए हैं। मगर जब मरीज या उसके परिजनों को उनकी जरूरत पड़ती है तो वो दिखाई नहीं देते। हाल ये है कि मरीजों को स्ट्रेचर पर लिटाकर परिजनों को तीन-तीन मंजिल तक ले जाना पड़ रहा है। सोमवार को ऑपरेशन के बाद इमरजेंसी से वार्ड बिल्डिंग आने पर मुन्नी देवी को स्ट्रेचर पर लिटाकर परिजन खुद ही वार्ड तक ले गए।
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ये बोले मरीज
अस्पताल से एक कंबल मिला है, मगर वो पतला है। इसलिए घर से भी एक कंबल मंगवाया है। एक साथ दोनों कंबल ओढ़ना पड़ता है। - मीनू श्रीवास्तव।
मेरी पत्नी 14 दिसंबर से अस्पताल में भर्ती है। अब तक अस्पताल से कंबल नहीं मिला है। इसलिए घर से ही कंबल मंगवाना पड़ता है। - अरविंद कुमार।
मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को पत्नी सोनम को डिलीवरी हुई है। आज तक अस्पताल से कोई कंबल नहीं मिला है। घर से लाना पड़ा है। - फिरोज।
सांस लेने में समस्या होने पर मां को अस्पताल में भर्ती कराया है। 13 दिसंबर से वो मेडिकल कॉलेज भर्ती हैं। मगर यहां से कंबल नहीं मिला है। - अरविंद।
इमरजेंसी और वार्ड में कंबल देने का नियम है। अगर मरीजों को कंबल नहीं दिए जा रहे हैं तो स्टाफ से पूछताछ की जाएगी। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।
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