झांसी में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने दुर्लभ ऑपरेशन करके बच्चे की जान बचाने का दावा किया है। बच्चे की आहार और श्वांस नली आपस में जुड़ी होने की वजह से सांस लेने में परेशानी हो रही थी। डॉक्टरों ने सर्जरी कर दोनों नलियों को अलग किया।
झांसी में जन्में एक नवजात को पैदा होते ही तमाम तरह की परेशानियां होने लगीं। बच्चा दूध पीते ही उल्टी कर देता था। सांस लेने में भी उसे काफी परेशानी हो रही थी। पांच दिनों तक इधर-उधर भटकने के बाद परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। बच्चे की आहार और श्वांस नली दोनों आपस में जुड़ी थीं। जन्म के 12वें दिन बच्चे का ऑपरेशन किया गया। दोनों नलियों को सर्जरी करने के बाद अलग किया। बच्चे का ऑक्सीजन लेवल गिरने की वजह से उसे तुरंत वेंटिलेटर पर रखा गया। अब बच्चे की सेहत में सुधार हुआ।
अंतरराष्ट्रीय जनरल के आंकड़ों को देखें तो ये 13वां केस है, जिसमें 10 दिन तक श्वांस और आहार नली जुड़ी होने के बावजूद बच्चे को जीवित बचाया जा सका। टीम में सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यप्रकाश, डॉ. ओमशंकर चौरसिया, डॉ. सौरभ पुरोहित की यूनिट में सर्जरी विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. अंकित सिंह ने बच्चे का ऑपरेशन किया। इस दौरान एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. पूजा चौबे, जेआर डॉ. शिवानंद, डॉ. कपिल नथानी, डॉ. निखिल मिश्रा, डॉ. आजाद कुमार, डॉ. अनंत, डॉ. गौतम मौजूद रहे।