अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के लिपिक का छह महीने में दो बार विदेश जाना चर्चा का विषय बना है। कुछ माह पहले वह दुबई गया था और अब थाईलैंड में है। बताते हैं कि वह नेटवर्क मार्केटिंग (चेन बनाकर) से विदेश की कंपनी में 100 से ज्यादा कर्मियों से निवेश करा चुका है। इसके एवज में उसे मोटा कमीशन और विदेश में घूमने की ट्रिप मिलती है।
मेडिकल कॉलेज के इस कर्मी की कार्यशैली से कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक वाकिफ हैं मगर उससे कोई भी कुछ कहना मुनासिब नहीं समझता। वह धनराशि निवेश कराता है, इसलिए ड्यूटी का समय कर्मियों व डॉक्टरों को लाभ की गणित समझाने में निकाल देता है। ऑफिस का कामकाज इसलिए प्रभावित नहीं होता क्योंकि संविदा पर मदद के लिए कई कर्मी मिले हैं। एक कर्मी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि करीब छह माह पहले लिपिक दुबई घूमने गया था और अभी वह थाईलैंड में घूम रहा है।
0- रीयल स्टेट तो कोई शेयर मार्केट में बता रहे निवेश
हर माह लाभांश मिलने के झांसे में फंसे कर्मियों को पता नहीं कि उनकी धनराशि किस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी में निवेश हुई है। इसकी वजह से कोई विदेशी रीयल स्टेट कंपनी बता रहा है तो कोई शेयर मार्केट की कंपनी।
0- ये बताता है निवेश कराने की गणित
कर्मियों ने बताया कि उसे कम से कम 26 हजार रुपये देने होते हैं। अधिक निवेश भी कर सकते हैं। इसमें से 10 हजार रुपये सदस्यता के नाम पर कटते हैं। शेष राशि पर हर माह पांच फीसदी ब्याज मिलता है। इसके साथ अधिक लाभ के लिए सगे-संबंधियों से निवेश कराने के लिए भी कहता है।
0- ये है सरकारी कर्मी के लिए विदेश जाने का नियम
जानकारों का कहना है कि यदि कोई सरकारी कर्मी विदेश जाता है तो उसे उद्देश्य बताना होता है। जब तक वैध वजह नहीं होती है, तब तक अनुमति नहीं मिलती है।
0- वर्जन
मेडिकल कॉलेज के लेखा विभाग का तृतीय श्रेणी कर्मी थाईलैंड घूमने के लिए अनुमति लेकर गया है। कुछ माह पहले उसके दुबई जाने की जानकारी नहीं है। - डॉ. मयंक सिंह, प्रभारी प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज