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Jhansi News: मरीज पहुंचाते ही एंबुलेंस कर्मी को नर्सिंगहोम दे रहे चार हजार, छुट्टी होने पर 40 फीसदी कमीशन

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झांसी। मेडिकल कॉलेज से जैसे ही किसी मरीज को एंबुलेंस चालक नर्सिंगहोम लेकर पहुंचाता है, उसके हाथ में चार हजार रुपये थमा दिए जाते हैं। जब छुट्टी होती है तो भी निजी अस्पताल से 40 फीसदी कमीशन मिलता है। कॉलेज के वार्ड ब्वॉय भी नर्सिंगहोमों की सौदेबाजी में संलिप्त हैं। ये बात मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देने वाले एक कर्मचारी ने बताई।
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डीआईजी द्वारा शनिवार को मेडिकल कॉलेज में नर्सिंगहोमों से साठगांठ वाले एंबुलेंस चालकों और एजेंटों के खिलाफ धरपकड़ अभियान के ठीक बाद अमर उजाला ने ये स्टिंग ऑपरेशन किया। हालांकि, कर्मचारी की सुरक्षा की वजह से हम न तो उसका नाम और न ही फोटो प्रकाशित कर रहे हैं। मगर कर्मचारी से बातचीत का वीडियो अमर उजाला के पास है। कर्मचारी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित कई नर्सिंगहोम इस रैकेट से जुड़े हुए हैं। इमरजेंसी के बाहर ही निजी एंबुलेंस चालक बैठे रहते हैं। कॉलेज में कार्यरत कई वॉर्ड ब्वॉय भी सौदेबाजी के इस खेल में पूरी तरह संलिप्त हैं। इसके लिए उन्हें भी मोटा कमीशन मिलता है। उसने बताया कि जब कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं जाता है तो तीमारदार कर्मचारियों से चिकित्सक को बुलाने के लिए बोलते हैं। वार्ड ब्वॉय कहते हैं कि यहां डॉक्टर देखने नहीं आएंगे। निजी अस्पताल रेफर करा दे रहे हैं। वहीं, मरीज को ले जाओ। जैसे ही परिजन मरीज को इमरजेंसी के बाहर लेकर पहुंचते हैं तो निजी एंबुलेंस चालकों का गिरोह सक्रिय हो जाता है। वो अपने सेटिंग वाले नर्सिंगहोम में मरीज को ले जाते हैं। जैसे ही मरीज नर्सिंगहोम पहुंचता है, तुरंत उसके हाथ में अस्पताल का स्टाफ चार हजार रुपये थमा देता है। कमीशन का मीटर यहां नहीं थमता। जब अस्पताल से रोगी की छुट्टी होती है, तब भी एंबुलेंस कर्मचारी को बिल का 40 फीसदी कमीशन मिलता है।
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