झांसी। यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में जनपद में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाले मेधावी विद्यार्थियों का मंगलवार को अमर उजाला की ओर से सम्मान किया गया। मेधावियों को मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने सम्मानित किया। इस अवसर पर मंडलायुक्त ने कहा कि आज सोशल मीडिया पर तमाम जानकारियां पड़ी हुई हैं, लेकिन उनकी प्रमाणिकता नहीं होती है। जबकि, अखबार और किताबों में लिखी गईं बातें प्रमाणिक होती हैं। बच्चे अखबार पढ़कर देश और दुनिया से कदमताल करते हुए आगे बढ़ें।
कमिश्नरी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने बारहवीं की परीक्षा में जिले में पहले स्थान पर रहने वालीं आयुषी यादव, दूसरे पर रहे कार्तिक अग्रवाल व तीसरे स्थान पर रहे देवव्रत सिंह तथा दसवीं में पहले स्थान पर रहे हिमांशु सिंह, दूसरे पर रहे गौरव गुप्ता व तीसरे स्थान पर रहने वाले धीरेंद्र कुमार को सम्मानित किया। सभी मेधावियों को कमिश्नर ने मेडल पहनाए और प्रशस्ति पत्र व अमर उजाला ईयर बुक भेंट की। मंडलायुक्त ने कहा कि बच्चों ने अपनी मेहनत से शानदार परिणाम हासिल किया है। इसे आगे भी सतत बनाए रखना है। जो पढ़ा है उसका रिवीजन करते रहें। इसके अलावा दूसरों की बातों को भी ध्यान से सुनने की आदत डालें। अपनी रुचि और क्षमता के मुताबिक विषय का चुनाव करें। लक्ष्य हासिल करने के लिए खुद को पहचानना बेहद जरूरी होता है। हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला करें, कभी हताश न हों। मन की बात अपने दोस्तों व परिवार के लोगों से जरूर साझा करें। मंडलायुक्त ने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
अमर उजाला ईयरबुक को सराहा
झांसी। प्रशासनिक सेवा का तीस साल का अनुभव रखने वाले मंडलायुक्त सुभाष चंद शर्मा ने ‘अमर उजाला ईयर बुक’ की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये पुस्तक विद्वानों द्वारा तैयार की गई है। इसमें प्रकाशित हर सामग्री की प्रमाणिकता है। वैसे तो ये हर किसी के लिए उपयोगी है, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थी इसका जरूर अध्ययन करें। इससे करंट अफेयर्स तो क्लियर होंगे ही, साथ ही सामान्य ज्ञान में भी वृद्धि होगी।
नियमित रिवीजन है जरूरी
12वीं की परीक्षा में जिले में पहला स्थान हासिल करने वाली मोंठ के अहरौली गांव के किसान धीरेंद्र सिंह यादव की बेटी आयुषी यादव ने कहा कि जो पढ़ा है, उसका नियमित रूप से रिवीजन जरूर करते रहें। आईएएस ऑफिसर बनने की इच्छा रखने वालीं आयुषी ने कहा कि वह रोजाना लगभग आठ घंटे सेल्फ स्टडी करती थीं। उनका ये क्रम कक्षा शुरू होने के पहले दिन से शुरू हो जाता था और परीक्षा तक लगातार बना रहता था।
नियमित पढ़ाई से कम होता है दबाव
12वीं की परीक्षा में जिले में दूसरे स्थान पर रहने वाले कार्तिक अग्रवाल इंजीनियर बनना चाहते हैं। उन्होंने आईआईटी की तैयारी शुरू कर दी है। उनके पिता रवींद्र कुमार अग्रवाल की गुरसराय में कपड़े की दुकान है। कार्तिक ने बताया कि वह रोजाना 8-9 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे। नियमित पढ़ाई करने का सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि परीक्षा के दौरान दबाव नहीं पड़ता। इसके अलावा रिवीजन के लिए समय जरूर निकालें।
पढ़ाई में एकाग्रता है बेहद जरूरी
12वीं की परीक्षा में जिले में तीसरे स्थान पर रहे किसान करन पाल सिंह के पुत्र देवव्रत सिंह ने बताया कि वह एनडीए के माध्यम से सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहते हैं। इसकी उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जितना भी पढ़ें, पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ें। क्लास में जो सुना है, उसके बारे में जरूर सोचें। साथ ही पढ़ाई में अपनी प्राथमिकताएं भी तय करें। उन्होंने बताया कि वह रोजाना 6-7 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे।
आज का काम कल पर न टालें
10वीं की परीक्षा में जिले में पहला स्थान हासिल करने वाले एसएसपी के ड्राइवर राजेश कुमार सिंह के पुत्र हिमांशु सिंह ने बताया कि वह रोजाना छह घंटे सेल्फ स्टडी करते रहे। आज का काम आज ही करें, कल पर नहीं टालना चाहिए। क्लास में जो पढ़ाया गया, उसका घर पर आकर अध्ययन जरूर करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वह सिविल सर्विस में जाना चाहते हैं। इस दिशा में उनकी तैयारी जारी है।
हर विषय को दें निश्चित समय
10वीं की परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान हासिल करने वाले मऊरानीपुर के गांधीगंज निवासी शिक्षक अनिल कुमार गुप्ता के पुत्र गौरव गुप्ता ने बताया कि वह नियमित 7-8 घंटे पढ़ते हैं। हर विषय को एक निश्चित समय अनिवार्य रूप से देते हैं। सभी विषयों से जुड़े प्रश्नों को क्लियर करते रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि वह आईआईटी जेईई करना चाहते हैं। इंजीनियर बनकर वह देश की सेवा करेंगे।
टाइम टेबल बनाकर पढ़ें
10वीं की परीक्षा में जिले में तीसरा स्थान हासिल करने वाले मऊरानीपुर निवासी राजमिस्त्री प्रेमनारायण के पुत्र धीरेंद्र कुमार ने बताया कि पढ़ाई का टाइम टेबल बनाएं और उसी के अनुसार अध्ययन को समय दें। इससे हर विषय को आप एक निश्चित समय दे पाएंगे। उन्होंने बताया कि वह सेल्फ स्टडी को रोजाना आठ घंटे का समय देते थे। वह सिविल सर्विस में जाना चाहते हैं। पढ़ाई को नियमित बनाए रखना जरूरी होता है।