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मास्टर शेफ इंडिया: शीर्ष 12 में शामिल हुई झांसी की ससुर-बहू की जोड़ी, बुंदेली स्वाद ने जीता सबका दिल

Sat, 10 Jan 2026 04:27 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

विष्णु पुरोहित और उनकी बहू हर्षिणी ने बताया कि जब पहली बार उनके पास मास्टर शेफ के नाम से कॉल आई तो उन्होंने झूठ समझकर अनसुना कर दिया। लेकिन दोबारा कॉल आई और बताया आपकी बुंदेली थाली को पसंद करते हुए आमंत्रित किया जाता है। 
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मास्टर शेफ इंडिया शो में विष्णु पुरोहित और उनकी बहू हर्षणी - फोटो : स्वयं
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विस्तार
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टीवी पर पिछले कुछ दिनों से प्रसारित हो रहे मास्टर शेफ इंडिया में झांसी के तात्या विलेज फार्म से पहुंची ससुर–बहू की अनोखी जोड़ी ने अग्निपरीक्षा में पास होने के बाद शीर्ष 12 में अपनी जगह पक्की कर ली है। विष्णु पुरोहित और उनकी बहू हर्षणी जब प्रतियोगिता के मंच पर उतरे तो बुंदेली व्यंजनों की खुशबू और पारिवारिक तालमेल ने जजों व दर्शकों का दिल जीत लिया। ससुर के अनुभव और बहू की नई सोच के मेल ने बुंदली  व्यंजनों को न सिर्फ स्वादिष्ट बनाया, बल्कि उनकी प्रस्तुति भी बेहद खास रही।
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कॉल आने पर नहीं हुआ विश्वास
इस टीवी शो की थीम प्राइड ऑफ इंडिया रखी गई है, जिसमें देशभर की विविधताओं और स्थानीय व्यंजनों को प्रमुखता दी जा रही है। विष्णु पुरोहित और उनकी बहू हर्षिणी पुरोहित ने बताया कि जब पहली बार उनके पास मास्टर शेफ के नाम से कॉल आई तो उन्होंने झूठ समझकर अनसुना कर दिया। लेकिन दोबारा कॉल आई तो उन्होंने बताया कि आपकी बुंदेली थाली के व्यंजनों को देखकर पसंद किया गया और आपको मास्टर शेफ में पहले चरण के लिए आमंत्रित किया जाता है। इसके बाद उन्होंने व्यंजनों की फोटो और वीडियो मांगे जिसमें हमने स्पेगेटी पास्ता बनाकर भेजा। इसके बाद 5 नवंबर को लखनऊ ऑडिशन के लिए बुलाया गया। जिसमें गेहूं और बाजरे की रोटी, चोखा के साथ इमली और खजूर का शरबत को शामिल करते हुए थाली बनाई। 


बुंदेली थाली को खूब की गई पसंद
अगले चरण में थाली के प्रस्तुतीकरण पर फोकस किया गया और उसमें भी दोनों पास हुए। तीसरा और चौथा चरण दिल्ली में  15 और 16 नवंबर को हुआ। इसके बाद 3 दिसंबर को लाइव शो में खाना बनाया, जो जजों को पसंद आया और  हमें हमारे नाम का एप्रेन मिला और शीर्ष 12 जोड़ियों में शामिल हुए। दोनों ने पारंपरिक बुंदेली खानपान को अपने खास अंदाज़ में पेश करते हुए यह दिखाया कि देसी स्वाद आज भी किसी भी आधुनिक रसोई से कम नहीं है।
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बिना लहसुन-प्याज के बनाए लजीज व्यंजन 
हर्षिणी ने बताया कि 2 साल पहले मेरी शादी अर्पित पुरोहित से हुई तभी से वह अपने ससुर के साथ रसोई संभाल रही हैं। ससुर हमेशा मुझे बेटी की तरह सम्मान देते हैं। वहीं विष्णु पुरोहित ने बताया कि इस शो में आने का मुख्य उद्देश्य बुंदेली व्यंजनों को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाना है। हम चाहते हैं कि देश-दुनिया के लोग बुंदेली स्वाद को चखें और जानें। उन्होंने बताया कि मास्टर शेफ में उन्होंने अभी तक सभी लजीज व्यंजन बिना लहसुन-प्याज के बनाए हैं।जजों ने इस जोड़ी की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल खाना बनाने की प्रतियोगिता नहीं, बल्कि पीढ़ियों के बीच तालमेल और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का मंच भी है।


हर सप्ताह एक जोड़ी होगी प्रतियोगिता से बाहर
सोमवार से इस प्रतियोगिता का अगला राउंड शुरू होगा। हर सप्ताह जो मानक पर नहीं होगी एक जोड़ी बाहर होती जाएगी। आखिर में जो जोड़ी बचेगी वही मास्टर शेफ होगी।
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शो के दौरान का वीडियो...
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