लॉकडाउन लागू होने के साथ ही सभी धार्मिक स्थलों के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए थे। 75 दिनों की बंदी के बाद ये सोमवार से खुलने जा रहे हैं। ओरछा का रामराजा मंदिर, दतिया की पीतांबरा पीठ, उनाव के बालाजी मंदिर के साथ - साथ झांसी के सभी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके अलावा चर्च और गुरुद्वारे भी खुल जाएंगे, लेकिन मस्जिदों में सामूहिक नमाज नहीं होगी। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के मद्देनजर उलमाओं ने तय किया है कि मस्जिदों में एक बार में सिर्फ पांच लोग ही नमाज अदा कर सकेंगे। धार्मिक स्थलों को खोले जाने के पहले रविवार को दिन भर तैयारियां जारी रहीं। धार्मिक स्थलों को सैनिटाइज किया गया तथा श्रद्धालुओं के लिए नियम - कायदे तय किए गए।
पांच श्रद्धालु कर सकेंगे बारी-बारी से प्रवेश
महानगर के प्राचीन पंचकुइयां मंदिर में पांच श्रद्धालु बारी - बारी से प्रवेश कर पाएंगे। भक्त स्वयं निर्धारित दूरी से प्रसाद अर्पण करेंगे। देवी - देवताओं की प्रतिमाओं को केवल पुजारी ही स्पर्श करेंगे और अभिषेक व श्रृंगार करेंगे। पुजारी हरी शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि प्रशासन के सभी निर्देशों का पालन होगा। सभी श्रद्धालुओं को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। आरती सुबह सात बजे और शाम सात बजे से होगी।
गर्भगृह में नहीं मिलेगा प्रवेश
ग्वालियर मार्ग स्थित श्री सिद्धेश्वर मंदिर में भगवान श्री सिद्धेश्वर व अन्य देवी देवताओं के दर्शन सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक, इसके बाद शाम पांच बजे से रात नौ बजे तक होंगे। धर्माचार्य हरीओम पाठक ने बताया कि मंदिर गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश नहीं होगा। भगवान को प्रणाम व दर्शन के उपरांत उन्हें मंदिर के दूसरे गेट से निकाला जाएगा।
शंख, झालर, घंटे को नहीं करेगा कोई स्पर्श
गायत्री शक्ति पीठ पर सुबह 5 बजे से आरती होगी। दोपहर 12 बजे तक, फिर इसके बाद शाम 4 बजे से सात बजे तक मां गायत्री के दर्शन श्रद्धालुओं को होंगे। गायत्री परिवार के युवा प्रकोष्ठ प्रभारी संजीव खरे ने बताया कि कोई भी श्रद्धालु घंटा, शंख, झालर को स्पर्श नहीं करेगा। सुबह यज्ञ होगा, लेकिन उसमें दो से तीन लोग ही बैठ पाएंगे।
समूह में खडे़ नहीं हो पाएंगे भक्त
महानगर के सभी जैन मंदिरों के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। पंचायत के महामंत्री प्रवीण जैन ने बताया कि जैन तीर्थ करगुवां जी, पंचायती दिगंबर जैन मंदिर व पंचायत के अन्य सभी मंदिरों को कहा गया है कि वह सरकार के निर्देशों का पालन कराए। करगुवां जी जैन मंदिर में सभी कर्मचारी यह ध्यान रखेंगे कि लोग ग्रुप में न खडे़ हो।
सब्र से काम लें मुस्लिम
झांसी। रविवार को जमीअत उलमाए हिंद की मौलाना आमिल कासमी की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें तय हुआ कि लॉकडाउन के दरम्यान जिस तरह से मस्जिदें संचालित हो रही हैं, उसी तरह से संचालन आगे भी जारी रहेगा। मुस्लिमों से अपील की गई कि जिस तरह से उन्होंने रमजान और ईद में सब्र किया, उसी सब्र से आगे भी काम लें। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ हुई बैठक में कई मस्जिदों के इमाम और अध्यक्ष समेत मौलाना मोहम्मद खुर्शीद क़ासमी, मौलाना फखरुद्दीन क़ासमी, मौलाना मोहम्मद हाशिम, नूर अहमद मंसूरी, कारी हसीब, मौलाना इदरीस क़ासमी, मुफ्ती मोहम्मद आरिफ नदवी, मौलाना ऐजाज़ क़ासमी, हाफिज रियाज आदि मौजूद रहे।
चर्च में बगैर मास्क के नहीं होगी प्रार्थना
झांसी। अन्य धार्मिक स्थलों के साथ सोमवार से चर्च भी खुल जाएंगी। सेंट ज्यूड चर्च के फादर डेनिस ने बताया कि चर्च में आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी नियमों का पालन करना होगा। बगैर मास्क के प्रार्थना की इजाजत नहीं होगी। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना होगा। चर्च के भीतर किसी भी दशा में भीड़ इकट्ठा नहीं होने दी जाएगी।
हाथ सैनिटाइज करने के बाद ही गुरुद्वारे में होगा प्रवेश
झांसी। सोमवार से श्रद्धालुओं के लिए खोले जा रहे गुरुद्वारों में रविवार को तेजी से तैयारियां की जाती रहीं। गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष दिलबाग सिंह भुसारी ने बताया कि गुरुद्वारे में आने वाले श्रद्धालुओं को गेट पर हाथ धोने होंगे, साथ ही सेनेटाइजर लगाना होगा। एक बार में पांच लोगों को ही आने की अनुमति होगी। मास्क का उपयोग हर किसी को करना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना होगा।