झांसी। भगवान विष्णु बुधवार देवशयनी एकादशी को क्षीर सागर में आराम के लिए चले जाएंगे। ऐसे में विवाह कार्य थम जाएंगे। चातुर्मास्य शुरू हो जाएगा और सनातन धर्म के प्रमुख त्यौहार इस दौरान उत्साह एवं भक्ति भाव के साथ मनाए जाएंगे। वहीं, वैवाहिक कार्य 26 नवंबर देवोत्थान एकादशी से शुरू होंगे।
सनातन धर्म में विवाह कार्य शुभ विवाह लग्न में ही करने की मान्यता है। चातुर्मास्य में ज्योतिषीय एवं धार्मिक परंपराओं एवं मान्यता के अंतर्गत विवाह नहीं होते हैं। हालांकि गृह प्रवेश, सगाई सहित अन्य कार्य किए जा सकते हैं। वहीं, इस बार गर्मियों में विवाह लग्न की खूब तिथियां थी लेकिन लॉकडाउन के कारण कई लोगों द्वारा विवाह कार्य को अगली शुभ तिथियों तक के लिए टालना पड़ा। हालांकि अब लोगों को विवाह कार्य के लिए लगभग पांच माह का इंतजार करना पडे़गा। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार चातुर्मास्य में ही गुरु पूर्णिमा, सावन, रक्षा बंधन, नागपंचमी, गणेश उत्सव, श्री कृष्ण जन्माष्टमी, अनंत चतुर्दशी, नवरात्र, दशहरा, दीपावली आदि प्रमुख त्यौहार मनाए जाएंगे।