जिले में निकाय चुनाव की वोटिंग 29 नवंबर को है। 28 और 29 नवंबर को जमकर सहालग भी है। ऐसे में जिनके घर इन तारीखों में शादी है, उन्हें आचार संहिता और धारा 144 लागू होने के कारण आयोजन पर असर पड़ने का डर सता रहा है। लेकिन, ऐसा नहीं है। प्रशासन ने साफ किया है कि शादी समारोह में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी, बशर्ते वहां राजनीतिक गतिविधियां न हों।
निकाय चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो चुका है। जिले के नगरीय इलाके चुनावी रंग में रंगे हैं। इन सब के बीच उन लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें है, जिनक ी बेटी अथवा बेटे क ी शादी 28 और 29 नवंबर को हैं। शुभ लग्न तिथि में बेटा-बेटी की शादी करना हर परिवार की इच्छा रहती है। यही कारण है कि शादी सीजन में इस बार 28 और 29 नवंबर को जमकर शादियां है। अधिकांश विवाह घर महीनों पहले बुक हो चुके है। लेकिन, नगर निकाय मतदान की तिथि 29 नवंबर होने और मतदान के ठीक एक दिन पहले मध्य प्रदेश से लगी सीमाएं सील होने के चलते वह कई परिवार चिंता में है। लोगोें का कहना है कि कड़ी बंदिशों के बीच शादी कार्यक्रम करना पडे़गा।
विवाह घर के संचालक अमित माहौर ने बताया कि 28 और 29 नवंबर को सहालग अच्छी है। लोगों को समस्या न आए, इसलिए जिन्होंने विवाहघर बुक किए है, उन्हें पूरा सहयोग दिया जाएगा। विवाह घर एसोसिएशन के नगर अध्यक्ष राहुल कुशवाहा ने बताया कि 28 और 29 नवंबर को जिन विवाहघरों में शादियां होगी, उन्हें विवाहघरों में दो दिन पहले एक अलग से कमरा सामान रखने के लिए दे दिया जाएगा, जिसके सुरक्षा की जिम्मेदारी विवाह घरों की रहेगी।
अनुमति मांग रहा हूं
28 नवंबर को भाई की बारात निकलनी है। कोई परेशानी न आए, इसके लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी है।
रामकिशन कुशवाहा निवासी भैरव खिड़की
एक दिन पहले भेज देंगे सामान
हम लोग मऊरानीपुर के निवासी है, लेकिन शादी झांसी से कर रहे है। कार्यक्रम में दिक्कत न हो, इसके लिए सभी समान एक दिन पहले विवाहघर में भेज दिया जाएगा।
जगदीश वर्मा निवासी मऊरानीपुर
शादी-बारात में राजनीतिक गतिविधियां न हो
शादियों और बारातों पर कोई रोक नहीं है। हालांकि, इस दौरान राजनीतिक गतिविधियां न हो। उल्लंघन होने पर चुनाव आचार संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिन्हेें शादी में आना-जाना है, उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी।
सीपी तिवारी, सिटी मजिस्ट्रेट