झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण ने शादी कार्ड के कारोबार की कमर तोड़कर रख दी है। जी हां, अचानक शादियां रद्द होने की वजह से लाखों की संख्या में छपे हुए कार्ड दुकानों और प्रिंटिंग प्रेसों में पड़े - पड़े ही रद्दी हो गए हैं। हालांकि, अब शादियों के लिए छूट तो दी गई है, लेकिन इन समारोहों में शामिल होने वालों की संख्या 20 तक सीमित कर दी गई है। ऐेसे में शादी कार्ड कारोबारियों को आने वाला समय भी अंधकारमय नजर आ रहा है।
वैसे तो कोरोना वायरस के संक्रमण का असर सभी कारोबारों पर पड़ा है। लेकिन, इनमें शादी कार्ड का कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। दरअसल, मार्च के अंतिम सप्ताह से शादियों की शुरुआत होनी थी। अप्रैल, मई और जून माह तक अनवरत रूप से शादियों के शुुभ मुहूर्त थे। मार्च, अप्रैल और मई में होने वाली शादियों के लिए कार्ड भी छपवाए जाने लगे थे। लोगों ने कार्ड पसंद कर उन्हें छपने के लिए कार्ड की दुकानों व प्रिंटिंग प्रेसों में छोड़ दिए थे। इसके बदले विक्रेताओं को 20 से 25 फीसदी एडवांस रकम दे दी थी। समय कम और शादियां अधिक होने की वजह से धड़ाधड़ कार्ड छपाई का काम शुरू भी हो गया था। ये छपे हुए कार्ड ग्राहकों तक पहुंच पाए, इससे पहले ही लॉकडाउन की घोषणा हो गईं। इस दरम्यान होने वाली शादियां भी रद कर दीं गईं। ऐसे में लोगों ने कार्ड वापस लेना जरूरी नहीं समझा। ये कार्ड दुकानों और प्रेसों में पड़े - पड़े रद्ददी हो गए।
कारोबारियों के अनुसार जिले में लगभग दो लाख कार्ड रद्दी हो चुके हैं। इन्हें कोई उठाने नहीं आ रहा है और न ही लोग कारोबारियों को हुए नुकसान की भरपाई को तैयार हैं। हालांकि, अब शादियों के लिए रियायत तो दी गई है, परंतु इसमें भी महज 20 लोग ही शामिल हो सकते हैं। अब बीस लोगों को बुलाने के लिए लोग कार्ड छपवाने से रहे, ऐसे में आने वाले समय से भी कारोबारियों को कोई खास उम्मीदें नहीं हैं।
भारी संख्या में शादियों के कार्ड छपे हुए रखे हुए हैं। शादियां रद्द होने की वजह से लोग अब इन कार्ड को उठाने भी नहीं आ रहे हैं। ऐसे में शादी कार्ड कारोबार को भारी नुकसान पहुंचा है।
- जय सिंघल, कार्ड विक्रेता
कोरोना वायरस ने शादी कार्ड के कारोबार की कमर तोड़ दी है। लाखों का माल बेकार हो गया है। जल्द ही कारोबार पटरी पर लौटने की उम्मीद भी नजर नहीं आ रही है।
- कमल जैन, कार्ड विक्रेता