जमानत तक नहीं बचा सके कई प्रत्याशी
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झांसी विधानसभा क्षेत्र कुछ ऐसे भी प्रत्याशी रहे, जिन्हें मतदाताओं ने पूरी तरह से नकार दिया। किसी-किसी राउंड में तो उन्हें एक भी वोट नहीं मिला। कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े और निर्दलीय प्रत्याशी तो अपनी जमानत तक नहीं बचा सके।
झांसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़े कृष्ण गोपाल द्विवेदी को सिर्फ 183 वोट मिले। दो राउंड में तो उन्हें एक भी वोट नहीं मिला। जन अधिकार मंच के प्रत्याशी अरुण कुमार साहू को 222 वोट मिले। उन्हें 29 वें राउंड में एक भी वोट नहीं मिला। इसी तरह स्वतंत्र जनता पार्टी के अरविंद कुमार वर्मा को भी 29 वें राउंड में एक भी वोट नहीं मिला। उन्हें 932 वोट मिले। लोकदल के रामनाथ साहू को 393, शिवसेना के शंकर लाल कुशवाहा को 279 वोट, निर्दलीय जितेंद्र कुमार भदौरिया को 469, इमरान खान को 499, नीता तिवारी को 421, संजीव कुमार सिंह को 715 वोट मिले। मतदाताओं ने अलग बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा भी नकार दिया और बुंदेलखंड क्रांति दल के सत्येंद्र पाल सिंह को 672 वोट मिले। रामकिशन रायकवार को 769, सुनील प्रजापति को 247 व संजीव कुमार सिंह को 715 वोट मिले। कम्युनिस्ट पार्टी के लक्ष्मन सिंह को 1,249 वोट, राष्ट्रीय लोकदल के उमेश यादव को 968 और परिवर्तन समाज पार्टी के राकेश सेन को 1965 वोट मिले। इन सबकी जमानत जब्त हो गई।
स्वतंत्र जनता पार्टी को सबसे कम वोट
झांसी। बबीना विधानसभा सीट पर स्वतंत्र जनता पार्टी के प्रत्याशी लालाराम वर्मा को सबसे कम 287 वोट मिले। राष्ट्रीय सर्वजन पार्टी के प्रत्याशी रामसेवक शर्मा को 303 वोट मिले। 25 वें राउंड में तो उन्हें एक भी वोट नहीं मिला। निर्दलीय ओमप्रकाश अहिरवार को 372, धनीराम को 742, सर्वसंभव पार्टी के पवन यादव को 440, शिवसेना की किरन देवी को 482, हरीओम को 979, रोहिंद्र कुमार को 1038 और राष्ट्रीय लोकदल के ओमवीर सिंह कुशवाहा को 1,052 वोट मिले। जन अधिकार मंच के कालीचरन कुशवाहा को 3,282वोट मिले।