झांसी। घटना को अंजाम देने से पहले मंथन बृहस्पतिवार की रात को सो नहीं सका। रात को करीब दो बजे उसने आखिरी बार व्हाट्सएप पर अपना स्टेटस बदला है। इससे माना जा रहा है कि वह रात भर गोलीकांड की प्लानिंग करता रहा। शुक्रवार को कालेज पहुंचा और घटना को अंजाम दे दिया।
कॉलेज में मंथन, हुकुमेंद्र और कृतिका के साथ पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने बताया कि सभी एक-दूसरे को पिछले पांच सालों से जानते थे। वर्ष 2016 में तीनों ने बीकेडी में बीए में प्रवेश लिया था। परास्नातक पास करने के बाद मंथन और हुकुमेंद्र तो मनोविज्ञान की पढ़ाई के लिए एमए में प्रवेश ले लिया, जबकि, कृतिका ने इतिहास विषय को चुना। मंथन और हुकुमेंद्र के बीच कभी भी कॉलेज परिसर में कोई विवाद नहीं हुआ। हालांकि, साथियों का मानना है कि घटना से कुछ दिन पहले दोनों के बीच फोन पर जरूर तू-तू, मैं-मैं हुई। तभी मंथन एकदम से आगबबूला हो गया।
शुक्रवार को जब उसने हुकुमेंद्र को गोली मारी तो यह बात कॉलेज में तेजी से फैल गई। इसके बाद सभी ने सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच शुरू की। देखा गया कि घटना के ठीक एक दिन पहले रात दो बजे तक मंथन अपने व्हाट्सएप पर स्टेटस बदलता रहा। हालांकि, इस दौरान भी उसने कोई ऐसा स्टेटस नहीं डाला, जिससे लगे कि वो इस तरह की बड़ी वारदात को अंजाम देने का मन बना चुका है। इससे यह संकेत जरूर मिले हैं कि मंथन रात में ही यह मन बना चुका था कि वह अगली सुबह हुकमेंद्र और कृतिका की जान ले लेगा। इसके लिए वह रात भर नहीं सोया।