झांसी। महानगर में सोमवार को भी देवोत्थान एकादशी का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने घरों में मंगल गायन करते हुए गन्ना के मंडप सजाए। साथ ही भगवान विष्णु और अन्य देवी देवताओं की विधि विधान से पूजा की। प्रसाद में मौसमी फल, सब्जियां व खील आदि अर्पण किए। त्योहार पर बच्चों ने खूब आतिशबाजी की। वहीं, कई परिवारों में विवाह कार्य सहित अन्य मांगलिक आयोजन भी हुए।
प्रबोधिनी एकादशी को लेकर सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गई थीं। लोगों ने पूजा के लिए गन्ना खरीदे। इसके बाद घरों को वंदनवारों और फूलों से सजाया गया। शाम होते ही गन्ना के मंडप बनाकर उसमें भगवान श्री हरि को विराजमान किया। मंगल गायन कर श्रद्धालुओं ने भगवान का विधि विधान से जागरण किया गया। पूजा के बाद बच्चों और युवाओं ने जमकर आतिशबाजी की। त्योहार पर कई श्रद्धालुओं ने घरों और मंदिरों में तुलसी-शालिग्राम का विवाह भी किया। तुलसीजी का अनुपम शृंगार किया। साथ ही पूजा और आरती कर अखंड सौभाग्य की कामना की। इसके साथ ही त्योहार पर मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने इष्ट देवी देवताओं के दर्शन कर दीप प्रज्ज्वलित किए।
देवोत्थान एकादशी पर श्रीराम लीला बड़ा बाजार मंच पर महाराजाधिराज झांसी राज्य श्रीमंत गंगाधर राव स्मृति राष्टीय समारोह समिति एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय विचार अभियान मंच के तत्वावधान में श्रीराम दरबार व भगवान विष्णु तथा लक्ष्मी जी का विधिविधान से पूजा की गई। मंच को दीपों तथा फूलों से आकर्षक सजाया गया था। इस अवसर पर अरुण द्विवेदी, राम प्रकाश गुप्ता, राकेश तिवारी, निर्मल तिवारी आदि मौजूद रहे।