झांसी। मानव तस्करी रोकने के लिए झांसी में जल्द ही नया थाना खोले जाने का निर्णय हुआ है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद अब इसकी प्रक्रिया तेज हो गई है। झांसी में थाना बनने के बाद मानव तस्करी करने में जुटे गिरोहों की पहचान करने के साथ ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।
बुंदेलखंड में पिछले कुछ समय से मानव तस्करों की निगाह में है। खास तौर से गरीब इलाकों में इनकी गतिविधियां हाल के समय में काफी तेजी से बढ़ी हैं। ज्यादातर जगहों पर नौकरी के नाम पर युवा एवं अल्प व्यवस्कों को बहलाकर नेपाल जैसे इलाकों तक ले जाने का मामले प्रकाश में आए। लेकिन, सीमित संसाधनों की वजह से पुलिस इनके खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रही थी। हालांकि बढ़ते मानव तस्करी के मामलों को देखते हुए ही वर्ष 2016 में यहां अलग सेल बनाई गई। लेकिन ललितपुर, झांसी, जालौन, हमीरपुर, जालौन तक निगरानी करनी पड़ती थी। ऐसी स्थिति को देखते हुए नया थाना बनाए जाने की जरूरत महसूस हो रही थी। शासन ने अगस्त महीने में प्रस्ताव मांगा था। जिस पर यहां से प्रस्ताव भेज दिया गया। प्रस्ताव में एक निरीक्षक, चार उपनिरीक्षक, दो हेड कांस्टेबल, 20 महिला आरक्षी एवं 30 पुरुष आरक्षी की जरूरत बताई गई। शासन से प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया है लेकिन, संसाधनों की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। हालांकि इससे यह साफ हो गया कि झांसी में जल्द ही मानव तस्करी की रोकथाम को नया थाना स्थापित किया जाएगा।
इसका प्रस्ताव शासन से मांगा गया था, स्मार्ट सिटी मिशन के तहत भी काम कराया जाना था। मानव तस्करी की रोकथाम के लिए झांसी में जल्द ही थाना खोला जाएगा। दिनेश कुमार पी, एसएसपी।