ललितपुर में एक लापता किशोरी की बरामदगी के लिए पूछताछ को थाने लाए गए नामजद युवक के रिश्तेदार की मंगलवार को कोतवाली में हालत बिगड़ गई। इसके बाद दोपहर उसकी मौत हो गई। परिवारवालों का कहना है कि पुलिस पिटाई से उसकी हालत बिगड़ी थी। युवक हार्ट का मरीज था। जब पुलिस वाले उसे घर से लेकर आए थे तब भी परिवारवालों ने बीमारी के बारे में जानकारी देते हुए दवाई साथ ले जाने को कहा था लेकिन पुलिस वालों ने दवाई नहीं लेने दी थी। इस मामले में एसपी ने चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया है।
शहर के एक मोहल्ले से एक किशोरी लापता है। इस मामले में मालथौन निवासी दुर्गाप्रसाद नामजद है। इस युवक की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है। दुर्गाप्रसाद की धरपकड़ के लिए पुलिस रविवार को उसके रिश्तेदार थाना नाराहट निवासी भगवान दास के घर पहुंची। भगवान दास के अनुसार रविवार की रात्रि लगभग तीन बजे तीन पुलिस उसके भाई देवेंद्र (35) पुत्र करोड़े कुशवाहा को अपने साथ ले गई।
देवेंद्र ने पुलिस को यह भी बताया कि वह हृदय रोगी है, दवाइयां साथ ले जाने दो, लेकिन उसकी कोई बात नहीं सुनी गई। कोतवाली पुलिस उसे दो दिन तक हवालात में रखे रही। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने देवेंद्र की जमकर पिटाई की। उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी, जिससे देवेंद्र बुरी तरह डर गया।
मंगलवार की सुबह लगभग चार बजे देवेंद्र के सीने में दर्द उठा। दोपहर बारह बजे पुलिस ने उसे छोड़ दिया। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। घटना की जानकारी मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार विजेता, क्षेत्राधिकारी तालबेहट देवेंद्र कुमार सिंह व क्षेत्राधिकारी सदर व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग का कहना है कि मृतक के परिजनों ने चौकी इंचार्ज पर मारपीट करने से मौत होने का आरोप लगाया है। इस पर सदर चौकी इंचार्ज अटल विहारी को निलंबित कर दिया गया है। तहरीर के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।