अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सालभर जो पढ़ा है, उसे आप परीक्षा से एक दिन पहले रिवाइज नहीं कर सकते हैं। क्योंकि, आपके पास इतना समय नहीं होता है। ऐसे में जरूरी है कि आप पाठ्यक्रम के महत्वपूर्ण अंशों के नोट्स तैयार कर लें और परीक्षा से ठीक पहले इन्हीं नोट्स को रिवाइज करें। दिमाग पर परीक्षा का तनाव हावी न होने दें, क्योंकि आपके पास समय कम होता है और आप ज्यादा कुछ कर नहीं सकते हैं। ऐसे में तनाव मुक्त रहें और जो आप पढ़ चुके हैं, उस पर ही ध्यान दें। अमर उजाला की पहल पर यह सुझाव झांसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आईएएस आलोक यादव ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने जा रहे परीक्षार्थियों को दिए।
जेडीए उपाध्यक्ष आलोक यादव ने बताया कि वह अपनी भाषा में नोट्स बनाते थे, जो जल्दी समझ में आ जाते थे। परीक्षा के दौरान यह नोट्स बेहद काम आते थे। इससे किताबों के पन्ने पलटने की आवश्यकता नहीं होती थी। नोट्स ही रिवाइज कर लिया करते थे। इसके अलावा परीक्षा के दौरान शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना भी बेहद जरूरी है। मानसिक रूप से स्वस्थ होने के लिए नींद पूरी लें। साथ ही अपनी दिनचर्या में भी ज्यादा परिवर्तन न करें। परीक्षा के दौरान पढ़ाई के घंटे बढ़ना स्वभाविक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप अन्य चीजों के लिए बिलकुल समय न निकालें।
पाठ्यक्रम के अलावा अखबार और अन्य पसंदीदा पुस्तकें पढ़ने के लिए कुछ समय जरूर निकालें। व्यायाम जरूर करें। खुद पर मानसिक या शारीरिक थकावट बिलकुल हावी न होने दें। परीक्षा के तीन घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इन तीनों घंटों के लिए अपने आप को हर तरह से तैयार रखें।
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मन को शांत रखकर दें परीक्षा
मंडल रेल चिकित्सालय के अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (फिजीशियन) डाॅ. महेंद्र यादव ने बताया कि परीक्षा के दौरान सेहतमंद रहना बेहद जरूरी है। परीक्षा के दौरान संयमित दिनचर्या अपनाएं। हल्का भोजन लें और वसायुक्त खाने से बचें। देर रात कतई न खाएं। ठंडी चीजों से बचें, इससे सर्दी-जुकाम होने की संभावना बढ़ जाती है। दिमाग पूरी तरह से चलता रहे। इसके लिए खाली पेट परीक्षा देने कतई न जाएं। ऐसी बातों को दरकिनार करते रहें, जिससे आपको गुस्सा आता हो। मन को शांत रखकर परीक्षा दें।