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Jhansi News: मेरे करीबी को सभापति बनाओ, वरना तिथि आगे बढ़ाओ..मंत्री के फोन पर टला चुनाव

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झांसी। प्रदेश सरकार के एक मंत्री ने अपने करीबी को रानी लक्ष्मीबाई अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का सभापति बनाने के लिए पूरी ताकत लगा रखी है। मंत्री के दबाव के आगे प्रशासनिक मशीनरी भी घुटनों पर आ गई। एक बार फिर मंत्री का सिफारिशी फोन आने के बाद दबाव में अफसरों ने आयोग को पत्र लिखकर चुनाव टलवा दिया। हालांकि, इसके पीछे अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि चुनाव से पहले सचिव की तबीयत खराब हो गई, इसलिए चुनाव कराना संभव नहीं था।
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अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के सभापति के चुनाव को लेकर जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक भाजपा दो धड़ों में बंट चुकी है। दोनों ही गुटों के लिए अपने-अपने प्रत्याशी को सभापति बनाना अब प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। इसी वजह से सभी 12 निदेशक भाजपा के ही चुने जाने के बावजूद एक मत न होने पर 27 जनवरी को सभापति का चुनाव स्थगित कर दिया गया था। दोबारा चुनाव कराने की तिथि 19 मार्च तय हुई। अब फिर से चुनाव टल गया। सूत्रों ने बताया कि चुनाव टलने के पीछे की वजह एक मंत्री का सिफारिशी फोन आना है। इन्हीं मंत्री के फोन के कारण पहली बार भी चुनाव स्थगित करना पड़ा था। अब मंत्री ने दोबारा फोन करके एक निदेशक को ही सभापति बनाने के लिए पैरवी की। चूंकि, सभापति के लिए दावेदार चारों निदेशक भी पार्टी के ही वफादार हैं। मगर सीधी टक्कर दो निदेशकों के बीच बताई जा रही है। दूसरी तरफ से भी दबाव आने पर अफसरों ने किसी खास व्यक्ति को ही नामांकन पत्र देने से हाथ खड़े कर दिए। संगठन स्तर से भी किसी एक नाम को मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में मंत्री ने फिलहाल चुनाव टालने के निर्देश दे दिए। चुनाव अधिकारी की तरफ से बैंक के सचिव की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए आयोग को चुनाव स्थगित करने के लिए पत्र लिख दिया गया। इसके बाद चुनाव टाल दिए गए। हालांकि, अभी चुनाव की नई तिथि निर्धारित नहीं हुई है।
लखनऊ तक गोलबंदी में जुटे दिग्गज
सभापति के लिए लखनऊ तक भाजपा दिग्गज गोलबंदी करने के लिए जुटे हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि एक गुट द्वारा चुनाव टलवाने की वजह यही है कि संगठन उनके पक्ष वाले निदेशक के नाम पर मुहर लगा दे। चूंकि, दूसरा गुट भी संगठन स्तर पर मजबूत पैरवी कर रहा है। इसी वजह से निदेशक चुने जाने के दो महीने बाद भी किसी एक नाम की संगठन की तरफ से मंजूरी नहीं मिल पाई है।
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अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के सचिव की तबीयत खराब हो गई है। पीलिया हुआ है और वह अस्पताल में भर्ती है। इस वजह से चुनाव कराना संभव नहीं था। ऐसे में आयोग को बृहस्पतिवार को चुनाव स्थगित करने के संबंध में पत्र लिखा था। अब चुनाव टल गया है। नई तिथि अभी घोषित नहीं हुई है। - अनूप द्विवेदी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता।
अभी साधन सहकारी समितियों के चुनाव में पार्टी के पदाधिकारी व्यस्त हैं। चूंकि, अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के डायरेक्टर का चुनाव हो चुका। सिर्फ सभापति का निर्वाचन रह गया है। जैसे ही पैक्स के चुनाव निपटेंगे, उसके बाद संगठन स्तर से सभापति के नाम के लिए किसी एक दावेदार का एलान कर दिया जाएगा। - अशोक राजपूत, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र, भाजपा।
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