झांसी। जिला अधिवक्ता संघ के लिए बुधवार को हुए मतदान के बाद बृहस्पतिवार को लाइब्रेरी हॉल में मतगणना की गई। मतगणना के बाद आए परिणामों में महेंद्र पाल वर्मा दूसरी बार अध्यक्ष व प्रणय श्रीवास्तव महामंत्री चुने गए। दोनों वर्ष 2013 में हुए चुनाव में भी अध्यक्ष व महामंत्री चुने गए थे। मतगणना देर रात तक चलती रही थी।
जिला अधिवक्ता संघ के 1922 सदस्यों में से 1584 ने बुधवार को मतदान किया था। चुनाव में अध्यक्ष पद पर महेंद्र पाल वर्मा एवं अरुण कुमार श्रीवास्तव के बीच आमने-सामने का मुकाबला था। महेंद्र पाल को 1024 वोट मिले, जबकि अरुण श्रीवास्तव को 547 मत प्राप्त हुए। महेंद्र 477 मतों से विजयी रहे।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर बलवान सिंह यादव को 685, अजय कुमार मिश्रा 535 व ओंकार नाथ व्यास को 319 वोट मिले। बलवान सिंह 150 मतों से विजयी रहे। कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर राजीव निगम को 551, शंकर सिंह को 539 व महेश नारायण वर्मा को 455 मत मिले। राजीव 12 वोटों से विजयी रहे।
महामंत्री पद पर प्रणय श्रीवास्तव को 727, अरुण कुमार दीक्षित को 585 व संजय कुमार पांडेय को 256 मत मिले। प्रणय श्रीवास्तव 142 वोटों से विजयी रहे। कोषाध्यक्ष पद पर सबसे ज्यादा उम्मीदवार थे। इस पद पर छोटेलाल वर्मा को 521, भगवत शरण मिश्रा को 383, अभय कुमार भारतीय को 117, जयप्रकाश नामदेव को 139, प्रीति चतुर्वेदी को 134, राघवेंद्र सिंह सोमवंती को 58, रामजी श्रीवास्तव को 173 मत मिले। छोटेलाल वर्मा 138 मतों से विजयी रहे।
संयुक्त सचिव प्रशासन पद पर धर्मेंद्र अग्रवाल को 491, जुगल किशोर वर्मा को 444, नरेंद्र सिंह को 173 व विनोद कुमार खरे को 429 मत मिले। धर्मेंद्र 47 वोटों से विजयी रहे। संयुक्त सचिव प्रकाशन पर अनुज चंद्र श्रीवास्तव को 535, दिलशाद अहमद को 162, द्रगनारायण दुबे को 403 व रामप्रकाश कोष्टा को 435 वोट मिले। अनुज 100 वोटों से विजयी रहे।
संयुक्त सचिव लाइब्रेरी पद पर अशोक कुमार पटैरिया को 675, ब्रजेश कुमार को 221, संतोष सिंह कुशवाहा को 494 व सुभाष चंद्र राय को 142 मत मिले। अशोक 181 वोटों से विजयी रहे।
कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य के लिए सुबोध लिखधारी, शिरोमणि जैन, रविंद्र कुमार पाठक, नरेंद्र कुमार खरे, हर्षना उदय व भगवान सिंह कुशवाहा चुने गए, वहीं कनिष्ठ सदस्य पद पर मनीषा मिश्रा, आमोद जैन, प्रीति अहिरवार, अमित कुमार साहू, पवन कुमार जैन, ऋषि नगाइच चुने गए।
आपत्ति के कारण रुकी रही घोषणा
कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य पद की मतगणना पूरी होने के बाद करीब एक घंटे तक घोषणा नहीं हो सकी। कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य पद के उम्मीदवार क्रमांक दस संजय पाठक ने मतों की गिनती में गलती का आरोप लगाते हुए लिखित में आपत्ति दर्ज कराकर पुनर्मतदान की मांग की।
उनकी मांग पर एल्डर्स कमेटी ने मंथन किया। आपत्ति की सुनवाई के लिए संजय पाठक को माइक पर एलाउंस कर बुलाया गया। बार-बार बुलाने पर भी जब वह नहीं आए तो एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष भीम प्रकाश त्रिपाठी ने उनकी आपत्ति खारिज कर विजयी प्रत्याशियों की घोषणा कराई।
आपत्ति पर विचार विमर्श के दौरान कुछ अधिवक्ताओं की एल्डर्स कमेटी के साथ तीखी बहस भी हुई। बहस इतनी बढ़ी कि उसे रोकने के लिए एल्डर्स कमेटी को पुलिस की सहायता लेकर अधिवक्ताओं को मतगणना कक्ष से बाहर करना पड़ा।