झांसी। जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती रविवार को घर-घर मनाई जाएगी। कोरोना संक्रमण के चलते जैन समाज के लोग घरों में रहकर प्रभु महावीर के जन्म की खुशियां मनाएंगे। इस दौरान सुबह धर्म ध्वज फहराने के साथ वाद्ययंत्र बजाए जाएंगे और प्रभु की पूजन की जाएगी। लगातार दूसरी साल जिले में भगवान महावीर की जयंती पर रथयात्रा का आयोजन नहीं होगा।
जिले में हर साल महावीर जयंती के मौके पर भगवान महावीर की रथयात्रा का आयोजन किया जाता था। इस दौरान भगवान को स्वर्ण आभा वाले विमान पर विराजमान कर रथयात्रा निकाली जाती थी। पिछली बार की तरह इस बार भी कोरोना संक्रमण के चलते महावीर जयंती का महोत्सव घर-घर मनाया जाएगा। जैन धर्मावलंबी जैनाचार्यों के आशीर्वाद से अपने आवास पर जन्म उत्सव की खुशियां मनाएंगे। इस मौके पर प्रत्येक जैन धर्मावलंबी सुबह आठ बजे अपने घर की छत, आंगन या बालकनी में भगवान महावीर स्वामी के जयकारे लगाते हुए घंटी, तालियां और थालियां बजाकर हर्ष की ध्वनि करेंगे। प्रभु की पूजा अर्चना के साथ घर-घर में जन्म की खुशी में प्रभु को पालना झुलाया जाएगा। शाम को श्रावक-श्राविकाएं अपने दरवाजे पर दीपक जलाकर भगवान की आरती करेंगे। साथ ही कोरोना महामारी को दूर करने की प्रार्थना करेंगे। पंचायत समिति के महामंत्री प्रवीण जैन ने बताया कि महावीर जयंती पर निकाली जाने वाली रथयात्रा का आयोजन इस बार भी नहीं होगा। घर पर ही जयंती मनाएंगे। समाज के अध्यक्ष डॉ. हीरालाल जैन ने सभी जैन धर्मावलंबियों से महावीर जयंती अपने परिवार के साथ पूरी धर्म प्रभावना को आत्मसात करते हुए मनाने की अपील की है।