उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में कोरोना मरीजों के लिए एक और राहत भरी खबर है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थैरेपी शुरू हो गई है। कोरोना के दो मरीजों को प्लाज्मा थैरेपी दी गई है।
प्लाज्मा चढ़ाने के बाद मरीजों की हालत में सुधार है। हालांकि, एक मरीज को उसके परिजन दिल्ली लेकर चले गए हैं। देश भर में प्लाज्मा थैरेपी के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने सभी मेडिकल कॉलेजों में प्लाज्मा थैरेपी शुरू करने के निर्देश दिए थे।
सरकार के आदेश के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए प्लाज्मा बैंक की अनुमति देने के लिए आईसीएमआर को पत्र लिख दिया था। वहां से सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद प्लाज्मा थैरेपी के लिए जरूरी मशीन खरीदने के लिए टेंडर निकाल दिया गया।
इससे पहले मरीजों का इलाज प्रभावित न हो, इसलिए निजी ब्लड बैंक से अनुबंध कर वहां प्लाज्मा डोनेट कराना शुरू कर दिया गया। तीन मरीजों द्वारा डोनेट किए गए प्लाज्मा को मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग में रखा गया।
मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना के दो मरीजों की निमोनिया होने पर हालत गंभीर हो गई थी। ऐसे में उनकी प्लाज्मा थैरेपी की गई। प्लाज्मा चढ़ाने के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ है। अब वह खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। हालांकि, एक मरीज को परिजन सेहत में सुधार होने पर दिल्ली ले गए हैं।
मेडिकल कॉलेज के उप प्रधानाचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि प्लाज्मा थैरेपी के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। निमोनिया होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती दो कोविड मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाया गया था। प्लाज्मा चढ़ाने के बाद दोनों की सेहत में सुधार हुआ है।