झांसी। अगर आपके क्षेत्र की गलियां, सड़कें और नालियाें का निर्माण नहीं हुआ है, तो इस साल निर्माण होने की उम्मीद छोड़ दीजिए। इस साल महानगर में नगर निगम कोई भी नए निर्माण कार्य नहीं करा पाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि नगर निगम के पास निर्माण और विकास कार्यों के लिए बजट नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से मिले बजट को लेकर भी नए आदेश आ गए हैं। जिसमें साफ जिक्र किया गया है कि 50 फीसद बजट का उपभोग स्वच्छ जल, कूड़ा प्रबंधन और वर्षा जल संग्रहण में किया जाए। ऐसे में नगर निगम केवल आवश्यक कार्यों पर जोर देगा। इसके साथ ही राज्य वित्त आयोग के तहत पहले से ही नगर निगम को बजट कम मिल रहा है। इन हालातों में नगर निगम ने नए निर्माण कार्य कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते राजस्व वसूली कम हुई है। सरकार की ओर से पहले ही निगम को बजट में 25फीसद की कटौती करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। निगम अधिकारियों की मंशा थी कि 15वें वित्त आयोग के तहत मिले 14 करोड़ रुपये से विकास और निर्माण कार्य के काम हो सकेंगे। अब केंद्र सरकार ने इसे लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि 15वें वित्त आयोग की 50 फीसद राशि से स्वच्छ पेयजल, वर्षा जल संग्रहण और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के काम कराए जाएं। जबकि 50 फीसद राशि को स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप खर्च किया जा सकता है। ऐसे में प्रस्तावित तमाम निर्माण कार्य फिर टल जाएंगे। इसके बाद राज्य वित्त आयोग तहत भी निगम को हर महीने करीब पांच करोड़ रुपये ही मिल रहा है। जबकि निगम हर महीने करीब सात करोड़ रुपये तो कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर खर्च करता है। ऐेेसे में राज्य वित्त आयोग से भी निर्माण कार्य होने की उम्मीद कम है। हालांकि निगम अधिकारियों का कहना है कि केवल आवश्यक कार्य ही कराए जाएंगे। इसके लिए निगम अधिकारी नए सिरे से प्रस्ताव तैयार करने में जुटे हैं।
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बैठक में दिए नए सिरे से प्रस्ताव बनाने के निर्देश
नगर निगम में बुधवार को महापौर रामतीर्थ सिंघल की अध्यक्षता में 15वें वित्त आयोग के तहत कराए जाने वाले कामों की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। जिसमें निर्माण विभाग के अधिकारी बजट के तहत निर्माण कार्यों के प्रस्ताव लेकर पहुंचे। केंद्र सरकार के आदेश का हवाला देने के बाद नए सिरे से प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए।
कोरोना काल में वित्तीय संकट तो है। ऐसे में निर्माण कार्यों में केवल आवश्यक कार्य ही कराए जाएंगे। हालांकि मरम्मत संबंधी कामों के लिए निगम राज्य वित्त आयोग और अपने संसाधनों की मदद लेगा। भविष्य में स्थितियों में सुधार होने पर निर्माण और विकास कार्यों पर जोर दिया जाएगा।
अवनीश राय, नगर आयुक्त